नौ दिवसीय भागवत कथा में बह रही ज्ञान की गंगा

Published at :17 Oct 2015 10:38 PM (IST)
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नौ दिवसीय भागवत कथा में बह रही ज्ञान की गंगा

नौ दिवसीय भागवत कथा में बह रही ज्ञान की गंगा फोटो है 11 व 12 में कैप्सन- भागवत कथा कहते संत श्री दास जी महाराज, कथा श्रवण करते श्रद्धालुओं की भीड़ दशरथ और जटायु दोनों श्री राम के मित्र . संत श्री नारायण दासबेलदौर. दशरथ और जटायु दोनों भगवान श्रीराम के मित्र थे. दशरथ ने […]

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नौ दिवसीय भागवत कथा में बह रही ज्ञान की गंगा फोटो है 11 व 12 में कैप्सन- भागवत कथा कहते संत श्री दास जी महाराज, कथा श्रवण करते श्रद्धालुओं की भीड़ दशरथ और जटायु दोनों श्री राम के मित्र . संत श्री नारायण दासबेलदौर. दशरथ और जटायु दोनों भगवान श्रीराम के मित्र थे. दशरथ ने राम के वियोग में शरीर का त्याग किया, तो जटायु ने सीता के वियोग में शरीर का त्याग किया. उक्त बातें नौ दिवसीय भागवत कथा के पांचवें दिन शुक्रवार को गांधी उच्च विद्यालय के खेल मैदान में कथावाचक सरल संत श्री नारायण दास जी महाराज, राधेय जी महाराज ने कहीं. श्रीराम कथा का सुक्ष्म वर्णन करते हुए श्री नारायण दास जी महाराज ने बताया कि पुत्र वियोग में दशरथ ने अयोध्या में शरीर का त्याग किया, तो जटायु ने संग्राम के मैदान में. दशरथ को श्राप के कारण भगवान राम का दर्शन नहीं हुआ, तो जटायु के मृत शरीर का संस्कार श्रीराम ने किया. कथा की सुक्ष्म विवेचना कर उन्होंने कहा कि जब भगवान राम जटायु का पिंडदान कर रहे थे, तो संशय के शिकार हो गये. प्रभु ने सोचा जब गंगा-यमुना मेरे चरणों से निकली हैं, तो कैसे इस जल से जटायु का पिंडदान करूं. भावविह्वल हो भगवान की आंखों से अश्रुधारा बहने लगी. आंसुओं से भगवान राम ने जटायु का पिंडदान किया. भक्त के प्रति भगवान का ऐसी होता है वात्सल्य प्रेम. माता सीता के वियोग में स्वयं भगवान पल-पल सांसारिक कष्टों की ताप में जल रहे थे, तो इसके निवारण के लिए नारद जी ने शारदीय नवरात्र करने की सलाह दी. शारदीय नवरात्र एवं भगवती की उपासना जब प्रभु ने प्रारंभ की, तो नवरात्र की अष्टमी की रात श्री भगवती मां जगदंबा ने भगवान श्री राम को दर्शन देकर दुखों का निवारण किया. हिंदू सनातन धर्म में जितने भी व्रत हैं उनमें नवरात्र को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है. इस व्रत में जगदम्बा जगत माता भगवती की पूजा की जाती है. जगत जननी की पूजा अर्चना से श्रद्धालुओं की मनवांछित इच्छाएं पूरी होती हैं. जिस देवी में पांच अद्भुत लक्षण हों उन्हें ही जगत माता कहते हैं. मेला कमेटी ने बताया की दशहरा मेला के अवसर पर भक्तिमय वातावरण एवं नवरात्र को लेकर नौ दिवसीय भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है. मौके पर मेला कमेटी के उत्तम प्रसाद , तेज नारायण गुप्ता, सुशील शर्मा, मुकेश कुमार, विपिन बिहंगम समेत सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे.

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