माननीय रह गये पीछे, मैडम ने मारी बाजी

Published at :13 Oct 2015 9:49 PM (IST)
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माननीय रह गये पीछे, मैडम ने मारी बाजी

माननीय रह गये पीछे, मैडम ने मारी बाजी खगड़िया में हुए मतदान में महिलाओं ने पुरुषों को पीछे छोड़ कर किया रिकाॅर्ड कायम पुरुषों के मतदान प्रतिशत की अपेक्षा महिलाओं ने किया रिकाॅर्ड दस प्रतिशत अधिक मतदान जिले में 54.91 फीसदी पुरुषों के मुकाबले 64 फीसदी महिलाओं ने डाले वोट खगड़िया जैसे इलाके में लोकतंत्र […]

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माननीय रह गये पीछे, मैडम ने मारी बाजी खगड़िया में हुए मतदान में महिलाओं ने पुरुषों को पीछे छोड़ कर किया रिकाॅर्ड कायम पुरुषों के मतदान प्रतिशत की अपेक्षा महिलाओं ने किया रिकाॅर्ड दस प्रतिशत अधिक मतदान जिले में 54.91 फीसदी पुरुषों के मुकाबले 64 फीसदी महिलाओं ने डाले वोट खगड़िया जैसे इलाके में लोकतंत्र के प्रहरी के रूप में महिलाओं ने उठाया भार फरकिया के नाम से प्रसिद्ध खगड़िया में आया बदलाव दे रहा सुखद संकेत लोकतंत्र की परीक्षा में पुरुषों के पिछड़ने के पीछे का राज जानने की दिखी बेचैनी मतदान से जुड़ी जानकारी विस क्षेत्र पुरुष महिला कुल (प्रतिशत में)अलौली 51.82 68.22 59.58 खगड़िया 56.21 61.78 58.79 बेलदौर 54.52 64.44 59.16परबत्ता 57.11 61.59 61.59 —————————-कुल : 54.91 64 59.16 प्रतिनिधि, खगड़ियाफरकिया के नाम से मशहूर खगड़िया में आया यह फर्क (बदलाव) सुनहरे कल का एहसास कराने जैसा है. अबकी विधानसभा चुनाव में पुरुषों के पछाड़ते हुए महिलाओं ने रिकाॅर्ड तोड़ मतदान किया है, जो खगड़िया जैसे इलाके के लिए सुखद ब दलाव की ओर इशारा कर रहा है. दस प्रतिशत की बढ़त के साथ महिलाओं ने पुरुषों को पीछे छोड़ दिया है. यह बदलाव खगड़िया के चारों विधानसभा क्षेत्रों में देखने को मिला है. अलौली विधानसभा क्षेत्र में पुरुषाें के मुकाबले महिला वोटरों ने इस बार रिकाॅर्ड तोड़ दिया है. यहां पुरुषों के मतदान का प्रतिशत 51.82, तो 68.22 प्रतिशत महिलाआें ने वोट डाल कर जता दिया कि अब आधी आबादी भी जाग गयी है. इसी तरह खगड़िया, बेलदौर, परबत्ता में भी मतदान में महिलाआें ने पुरुषों को पीछे छोड़ दिया है. कुल मतदान की बात करें, तो जिले में 54.91 प्रतिशत पुरुषाें के मुकाबले 64 प्रतिशत महिलाआें ने मतदान में भाग लेकर लोकतंत्र में अटूट आस्था जतायी है. महिला महाविद्यालय की प्रो रेणुका इसे महिलाओं में अपने अधिकार व हक के प्रति जागरूकता को सबसे बड़ा कारण मानती हैं. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आधी आबादी की हिस्सेदारी बढ़ाने के प्रयास का ही नतीजा है कि घूंघट में रहने वाली महिलाएं घर की चौखट पार कर मतदान करने के लिए पहुंची. इसी तरह युवतियाें में भी वोट के प्रति खासा उत्साह देखने को मिला. मतदान केंद्रों पर क्या बुजुर्ग, क्या जवान हर कोई लोकतंत्र के प्रहरी के रूप में मतदान कर अपनी ताकत का एहसास करते हुए नजर आया. इधर, महिलाआें के बढ़े प्रतिशत ने प्रत्याशियाें की बेचैनी भी बढ़ा दी है. मतदान के बाद अब इस बात का हिसाब लग रहा है कि महिला वोटर मतदान केंद्र तक पहुंचीं, तो पुरुष वोटर कहां रह गये. साथ ही प्रत्याशियों व उनके समर्थकों द्वारा मतदान का जोड़-घटाव कर खुद को तसल्ली भी दी जा रही है. जो भी हो आधी आबादी में लोकतंत्र के प्रति दीवानगी देख कर कहा जा सकता है कि यही है बुलंद भारत की बुलंद तस्वीर. कोट—सचमुच महिलाओं में मतदान के प्रति जोश व उमंग का ही नतीजा है कि खगड़िया में एक बार फिर लोकतंत्र की जीत हुई है. सबके प्रयास का ही नतीजा है कि 64 फीसदी महिला व 54.16 फीसदी पुरुषों ने वोट में भाग लेकर लोकतंत्र के सजग प्रहरी होने का परिचय दिया है. विपिन कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी, खगड़िया

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