फसल नुकसान हुए तो किसानों को मिलेगी सरकारी सहायता

Updated at : 13 Dec 2019 8:43 AM (IST)
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फसल नुकसान हुए तो किसानों को मिलेगी सरकारी सहायता

खगड़िया : किसानों के लिये एक अच्छी खबर है. रबी मौसम में अगर उनके फसल प्राकृतिक आपदा सहित अन्य कारणों से प्रभावित हुए या फिर उत्पादन प्रभावित हुए तो सरकार उन्हें मुआवजा/सहायता देगी. नुकसान की स्थिति में उन्हें सहायता तभी मिलेगी, जब वे (किसान) अपने फसल का रजिस्ट्रेशन करायेंगे. रजिस्ट्रेशन की चर्चा के पूर्व किसानों […]

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खगड़िया : किसानों के लिये एक अच्छी खबर है. रबी मौसम में अगर उनके फसल प्राकृतिक आपदा सहित अन्य कारणों से प्रभावित हुए या फिर उत्पादन प्रभावित हुए तो सरकार उन्हें मुआवजा/सहायता देगी. नुकसान की स्थिति में उन्हें सहायता तभी मिलेगी, जब वे (किसान) अपने फसल का रजिस्ट्रेशन करायेंगे.

रजिस्ट्रेशन की चर्चा के पूर्व किसानों को यह जान लेना जरूरी है कि इस जिले में गेहूं,मक्का,मसूर तथा राई-सरसों लगाने वाले किसान को ही नुकसान की स्थिति में सरकार आर्थिक सहायता मुहैया करायेगी. को-ऑपरेटिव एमडी सह जिला सहकारिता पदाधिकारी संजय कुमार मंडल ने बताया कि उक्त चारों फसलों की बुआई कर रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों का अगर फसल/उत्पादन प्रभावित होता है तो उन्हें उक्त योजना के तहत आर्थिक सहायता मुहैया करायी जायेगी.
जिले के लिए चार फसल चयनित
बताया गया कि राज्य स्तरीय समिति के द्वारा रबी फसल 2019-20 के लिये कुल 9 फसलों को बिहार राज्य फसल सहायता योजना के दायरे में रखा गया है. लेकिन खगड़िया जिले चार फसल यानी गेहूं, मक्का, राई-सरसों तथा मंसूर फसल को इस योजना के लिये अधिसूचित किया गया है. गौरतलब है कि अन्य फसलों की तुलना में किसान इन चारों फसलों की बुआई काफी अधिक करते हैं.
रजिस्ट्रेशन जरूरी तभी मिलेगी सहायता
राज्य फसल सहायता योजना के लाभ के लिये रजिस्ट्रेशन जरूरी है. डीसीओ श्री मंडल के अनुसार विभागीय साइट पर किसान ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन करायेंगे.
ऑफ लाइन निबंधन नहीं होंगे. गेहूं व मक्के के लिये किसान 26 फरवरी तक रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे. जबकि राई-सरसों के लिये 31 दिसंबर तक तथा मंसूर के लिये किसान 15 फरवरी 2020 तक रजिस्ट्रेशन करा पायेंगे. राज्य फसल सहायता योजना के तहत निबंधन कराने वाले 2 प्रतिशत किसानों का रेंडम सत्यापन जिला स्तरीय समन्वय समिति से कराने के आदेश राज्य स्तर से जारी किये गये हैं.
बटाइदार भी होंगे लाभान्वित
ऑन-लाइन रजिस्ट्रेशन के दौरान खुद की जमीन पर खेती करने वाले किसानों के साथ-साथ दूसरे की जमीन पर बटाई/ठेका पर खेती करने वाले किसान भी बिहार राज्य सहायता योजना के तहत ऑन-लाइन रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे. डीसीओ ने बताया कि रैयती किसान व्यक्तिगत पहचान-पत्र, फोटो, बैंक पासबुक, आवासीय प्रमाण-पत्र के साथ-साथ उस जमीन का हाल के दिनों में बने एलपीसी देंगे, जिस पर उन्होंने फसल लगाये हैं.
इसी तरह गैर-रैयत/बटाईदार किसान को भी रजिस्ट्रेशन के दौरान व्यक्तिगत पहचान-पत्र, फोटो,बैंक पासबुक, आवासीय प्रमाण-पत्र साथ-साथ रकवा सहित दूसरे की जमीन पर खेती करने से संबंधी स्वघोषणा-पत्र एवं किसान सलाहकार या फिर वार्ड सदस्य का अनुशंसित पत्र देना होगा.
अधिकतम दो एकड़ का मिलेगा मुआवजा
जानकारी के मुताबिक फसल/उत्पादन प्रभावित होने की स्थिति में किसानों को अधिकतम दो एकड़ जमीन जमीन के लिये सहायता राशि दी जायेगी.
20 प्रतिशत से कम फसल नुकसान होने पर प्रति एकड़ 75 सौ रुपये तथा दो एकड़ के लिये 15 हजार रुपये किसानों को मिलेंगे. इसी तरह 20 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने पर प्रति एकड़ 10 हजार व दो एकड़ के लिये 20 हजार रुपये आर्थिक सहायता किसानों को दी जायेगी.
बिहार राज्य फसल योजना के तहत इस जिले के किसान गेहूं,मक्का,सरसों व मसूर फसल के लिये ऑन लाइन निबंधन करा सकेंगे.गेहूं व मक्के के लिये किसान 26 फरवरी तक,जबकि राई-सरसों के लिये 31 दिसंबर तक रजिस्ट्रेशन होंगे.इसी तरह मसूर लगाने वाले किसानों को 15 फरवरी 2020 तक रजिस्ट्रेशन कराना होगा.रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों को ही फसल नुकसान होने की स्थिति में आर्थिक सहायता दी जायेगी.
संजय कुमार मंडल ,एमडी सह डीसीओ.
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