अस्पताल के लिपिक निलंबित

Updated at : 15 Jun 2017 4:47 AM (IST)
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अस्पताल के लिपिक निलंबित

कार्रवाई. नौकरी दिलाने को डीएम के नाम पर ले रहा था पैसा डीएम के साथ घरेलू संबंध होने की बात कह विकास मित्र में नौकरी दिलाने के नाम पर आशा कार्यकर्ता जया देवी से 71 हजार रुपये की ठगी करने वाले सदर अस्पताल उपाधीक्षक कार्यालय में कार्यरत लिपिक मुकेश कुमार भारती को निलंबित कर दिया […]

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कार्रवाई. नौकरी दिलाने को डीएम के नाम पर ले रहा था पैसा

डीएम के साथ घरेलू संबंध होने की बात कह विकास मित्र में नौकरी दिलाने के नाम पर आशा कार्यकर्ता जया देवी से 71 हजार रुपये की ठगी करने वाले सदर अस्पताल उपाधीक्षक कार्यालय में कार्यरत लिपिक मुकेश कुमार भारती को निलंबित कर दिया गया है.
खगड़िया : नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले सदर अस्पताल उपाधीक्षक कार्यालय में कार्यरत लिपिक मुकेश कुमार भारती को सिविल सर्जन ने निलंबित कर दिया है. चित्रगुप्तनगर थाना में ठगी की प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से आरोपित लिपिक फरार चल रहा था. इसी मामले में एक अन्य आरोपित 102 एंबुलेंस ड्राइवर पंकज कुमार की बरखास्तगी तय मानी जा रही है. इधर, निलंबन अवधि में आरोपित लिपिक श्री भारती का मुख्यालय पीएचसी परबत्ता रहेगा.
साथ ही विभागीय कार्यवाही के लिये सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ वाईएस प्रयासी को संचालन पदाधिकारी व अस्पताल उपाधीक्षक डॉ राजेन्द्र प्रसाद को उपस्थापन पदाधिकारी बनाया गया है. बता दें कि जलकौड़ा निवासी शिकायतकर्ता आशा कार्यकर्ता जया देवी द्वारा चित्रगुप्तनगर थाना में दिये आवेदन के आलोक में प्राथमिकी कांड संख्या 364/17 दर्ज किया गया है. जिसमें सदर अस्पताल के लिपिक मुकेश भारती व एंबुलेंस ड्राइवर पंकज कुमार को नामजद आरोपित बनाया गया है.
विकास मित्र में नौकरी के नाम पर की थी ठगी
पीड़ित आशा कार्यकर्ता जया देवी ने बताया कि करीब दस महीना पहले जलकौड़ा में विकास मित्र पद पर बहाली निकली थी. चूंकि वह आशा कार्यकर्ता है इसलिये पूर्व से परिचित सदर अस्पताल में प्रतिनियुक्त लिपिक मुकेश कुमार भारती ने कहा कि हमलोगों का डीएम से घरेलू संबंध है. तुम्हारे पुत्र को विकास मित्र में बहाल करवा देंगे.
एंबुलेंस ड्राइवर पंकज ने कहा कि डीएम साहब से हमलोगों का पूरा जान-पहचान है. रोज उनके आवास पर डीएम से मिलना-जुलना होता है. बातों के जाल में फंसा कर लिपिक मुकेश ने तीन किस्त में बीते वर्ष दशहरा से लेकर दिसंबर तक में 71 हजार रुपये ले लिया. साथ ही मेरे पुत्र का शैक्षणिक प्रमाण की छायाप्रति भी जमा करवा लिया. इस बीच समय बीतने के बाद नौकरी के बारे में पूछने पर लिपिक द्वारा टालमटोल किया जाने लगा. करीब नौ महीने का समय बीत गया लेकिन मेरे पुत्र की विकास मित्र में बहाली नहीं की गयी.
ठगी की शिकार आशा कार्यकर्ता ने लिपिक व एबुलेंस ड्राइवर पर दर्ज करायी है प्राथमिकी
चित्रगुप्तनगर थाना में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से फरार है लिपिक मुकेश कुमार भारती
थाने में दिये आवेदन में पीड़ित आशा जया देवी ने कहा है कि नौ महीने बीतने के बाद लिपिक से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि नौकरी के नाम पर दिये गये 71 हजार रुपये डीएम को दे दिये हैं. नौकरी लेना है तो 30 हजार रुपये और देना होगा. इस पर जया देवी ने पैसे देने से इनकार कर दिया. साथ ही कहा कि मेरा रुपया वापस कर दीजिये. दोनों आजकल करके पीड़ित आशा कार्यकर्ता को दौड़ा रहे थे. बाद में पता चला कि दोनों बहुत धुर्त हैं और कई लोगों से पहले भी ठगी कर चुके हैं. काफी आरजू मिन्नत करने के बाद भी लिपिक व एंबुलेंस ड्राइवर पैसा लौटाने पर राजी नहीं हुए. दोनों ने धमकी देते हुए कहा कि तुमको जो करना है कर लो मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है. इसके बाद दोनों के विरुद्ध चित्रगुप्तनगर थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है.
पूर्व में भी बहाली में धांधली को लेकर आरोपित लिपिक पर रिश्वतखोरी व फर्जीवाड़ा के लगे हैं आरोप
सदर अस्पताल उपाधीक्षक कार्यालय में प्रतिनियुक्त लिपिक मुकेश कुमार भारती व 102 एंबुलेंस ड्राइवर पंकज कुमार ने कहा कि डीएम के साथ हमलोगों का घरेलू संबंध है. झूठी बातों के जाल में फंसा कर जलकौड़ा में विकास मित्र पर मेरे पुत्र को नौकरी लगाने के नाम पर लिपिक ने कुल 71 हजार ठग लिया. करीब नौ महीने बीतने के बाद लिपिक मुकेश भारती ने कहा कि 71 हजार रुपये डीएम को दे दिये. नौकरी लेना है तो 30 हजार रुपये और देना होगा. दोनों आरोपित पर चित्रगुप्तनगर थाना में नौकरी के नाम पर ठगी की प्राथमिकी कांड संख्या 364/17 दर्ज करायी गयी है.
जया देवी, पीड़ित आशा कार्यकर्ता.
ठगी की प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से लिपिक फरार चल रहे हैं. स्पष्टीकरण पूछा गया लेकिन जवाब नहीं दिया गया. ऐसे में कर्तव्य से अनुपस्थित लिपिक मुकेश कुमार भारती को निलंबित कर दिया गया है. निलंबन अवधि में आरोपित लिपिक का मुख्यालय पीएचसी परबत्ता रहेगा. साथ ही एक अन्य आरोपित 102 एंबुलेंस ड्राइवर की बरखास्तगी की कार्रवाई की जा रही है.
डॉ अरुण कुमार सिंह, सिविल सर्जन.
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