छठ महापर्व को लेकर सूप, डलिया निर्माण में आयी तेजी

छठ महापर्व को लेकर सूप, डलिया निर्माण में आयी तेजी
हसनगंज प्रखंड क्षेत्र में बांस के कारीगरों का जीवन बदहाल है. छठ का इंतजार इन कारीगरों को बड़े उत्साह से रहता है. छठ पर्व में ही इनलोगों का कमोबेश रोजगार चलता है. छठ पर्व टोकरी व सूप के बिना अधूरा माना जाता है. छठ पर सूप व टोकरी की डिमांड काफी बढ़ जाती है. मोहली समाज के कामगार कार्य निर्माण में जुट गए हैं. बलराम महोली,अनिल महोली, शंकर महोली, अनंत महोली, शकुंतला देवी, कमला देवी, फूलों देवी, खुशबू कुमारी, ममता देवी, पप्पू कुमार, संजीत कुमार सहित कई कारिगरों ने बताया कि एक दिन का पूरा समय तो कच्चे बांस को छील कर कमाची बनाने में लग जाता है. उसके बाद धूप में सुखाया जाता है. इतना सब होने के बाद तीसरे दिन अपने परिवार के साथ मिलकर एक दिन में पांच से छह सूप व टोकरी का निर्माण कर लेते हैं. त्यौहार को लेकर सूप, टोकरी की मांग काफी बढ़ गई है. छठ को लेकर लोग ऊंचे दामो में भी सूप व टोकरी खरीद कर ले जा रहे हैं. छठ पूजा में करीब 9 दिन का समय बचा है. अभी से ही इसकी तैयारी शुरू हो गई है. बाजार में सूप की कीमत 100 से 150 रुपए तक व टोकरी 300 से 400 रुपए तक बाजार दर है.
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