300 से लेकर 850 रुपये प्रति किलो तक की तिलकूट बाजार में उपलब्ध
कटिहार. मकर संक्रांति पर्व को लेकर कटिहार में अभी से उत्साह का माहौल बन गया है. 14 जनवरी को मनाये जाने वाले मकर सक्रांति पर्व की तैयारियां तेज हो चुकी हैं. शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बाजारों में चहल-पहल बढ़ गयी है. चौक-चौराहों, प्रमुख बाजारों व सड़कों के किनारे तिलकुट की आकर्षक दुकानें सज गयी हैं. तिलकुट की सोंधी खुशबू से पूरा वातावरण सुगंधित हो उठा है. सुबह और शाम के समय बाजारों में खरीदारी को लेकर भीड़ देखी जा रही है. ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग भी तिलकुट, चूड़ा, मुढ़ी, शक्कर और तिल की खरीदारी में अभी से जुट गए हैं.प्रवासी कारीगरों की मेहनत से बन रहा स्वादिष्ट तिलकुट
मकर संक्रांति पर तिलकुट व लाय का विशेष महत्व है, जिस कारण इनकी मांग लगातार बढ़ रही है. बढ़ती मांग को देखते हुए तिलकुट निर्माण का कार्य लगभग एक महीने पहले से ही शुरू कर दिया गया है. नवादा, बिहार शरीफ, महानंदा, देवघर और गया जी से हर वर्ष की तरह इस बार भी अनुभवी कारीगर कटिहार पहुंचे हैं. कारीगरों का कहना है कि तिलकुट बनाना बेहद मेहनत और सावधानी का काम है. इसमें खोआ, इलायची, केसर, दालचीनी, तिल और शक्कर का सही अनुपात व आंच का खास ध्यान रखना पड़ता है. बिहार शरीफ से आये कारीगर नीरज, छोटू, विक्की व राहुल ने बताया कि यह कला उन्हें अपने पूर्वजों से विरासत में मिली है और अपने इस विरासत को वे आगे बढ़ाते जा रहे हैं.
तिलकुट की खुशबू से महक उठा शहर
बाजार में इस समय तिलकुट की सोंधी महक से पूरा वातावरण सुगंधित हो उठा है. खोआ तिलकुट, खोआ स्पेशल तिलकुट, गुड़ से बनी तिलकुट और चीनी से बनी तिलकुट उपलब्ध है. तिलकूट की कीमत 300 रुपये से लेकर 850 रुपये प्रति किलो तक है. वहीं चूड़ा-मुढ़ी से बने लाय की भी अच्छी मांग है. जिसकी कीमत 120 से 150 रुपये प्रति किलो तक बतायी जा रही है. जैसे-जैसे मकर संक्रांति नजदीक आ रही है. बाजारों की रौनक और बढ़ती जा रही है. कुल मिलाकर मकर संक्रांति पर्व ने कटिहार के बाजारों में मिठास, परंपरा और उल्लास का रंग घोल दिया है. पूरा शहर पर्व के स्वागत में जुटा नजर आ रहा है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

