सदर अस्पताल, बिचौलिया प्रकरण पर बड़ी कार्रवाई, सात आशाकर्मी हुई चयन मुक्त

Published by : RAJKISHOR K Updated At : 27 Feb 2026 6:33 PM

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सदर अस्पताल, बिचौलिया प्रकरण पर बड़ी कार्रवाई, सात आशाकर्मी हुई चयन मुक्त

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– दो न्यायिक हिरासत में, आशा कर्मियों ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांगफोटो 21 केप्शन- पूर्व विधायक से शिकायत करती आशा कटिहार सदर अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने को लेकर जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी के हालिया निरीक्षण के बाद बड़ी प्रशासनिक व विभागीय कार्रवाई की गई है. अस्पताल में सक्रिय बिचौलियों पर शिकंजा कसते हुए सात आशा कर्मियों को चयन मुक्त कर दिया गया है. दो महिलाओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था. डीसीएम अश्वनी कुमार मिश्रा के आवेदन के आलोक में नगर थाना में एक अज्ञात सहित 10 लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है. आरोप है कि कुछ आशा कर्मियों की बिचौलियों से साठगांठ थी और मरीजों को बहला-फुसलाकर निजी क्लीनिक व निजी लैब में ले जाकर आर्थिक लाभ लिया जाता था. चयन मुक्त की गयी आशा कर्मियों में सुलेखा देवी (मनसाही), पूनम देवी (कोढ़ा), सुलोचना देवी (प्राणपुर), माविया खातून (कटिहार प्रखंड), ललिता देवी (दंडखोरा), सीता देवी (बरारी), पिंकी देवी (शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र), शामिल है. बकि कविता कुमारी मकदमपुर एवं सरिता देवी कटिहार शहरी क्षेत्र को बोचोलिया आरोप में न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. करवाई के बाद एकजुट हुई आशाकर्मी कार्रवाई के बाद सभी आशा कर्मी एकजुट हो गई हैं, करवाई किए गए शहरी क्षेत्र की आशा पिंकी देवी ने कहा कि यह एकतरफा कार्रवाई है, और बिना समुचित जांच के निर्णय लिया गया है, उनका कहना है कि जिस दिन उनकी फोटो ली गई, उस दिन वे निर्धारित पोशाक में थीं, केवल ठंड के कारण ऊपर गर्म कपड़ा पहना था, माविया खातून सहित अन्य आशा कर्मियों ने भी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि बिना किसी मरीज या परिजन की लिखित शिकायत के उन्हें दोषी ठहराया गया है. रेखा देवी, विनीता कुमारी, नरगिस खातून, रुबीना खातून, रूबी शर्मा, गुड़िया खातून, मिनाज खातून, मुन्नी देवी, राहत खातून समेत अन्य आशा कर्मियों ने जिला पदाधिकारी से इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है. पूर्व विधायक ने कहा जांच के बिना सीधे करवाई कौन संविधान में है. मामले की सूचना मिलने पर पूर्व विधायक महबूब आलम भी कटिहार पहुंचे और सदर अस्पताल में आशा कर्मियों से मुलाकात की, उन्होंने मामले को गंभीर बताते हुए जिला पदाधिकारी से वार्ता कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने की बात कही, पूर्व विधायक ने कहा कि बिना जांच किए हुए सीधे कार्रवाई यह कौन सी संविधान में लिखी है, फिलहाल, सदर अस्पताल में इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य महकमे में हलचल तेज हो गई है,

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