कटिहार इन दोनों बदलते मौसम के साथ ही सदर अस्पताल में सर्दी, खांसी, बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है. अस्पताल की ओपीडी में एक दिन में 700 से 750 मरीज अपना इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं. जिसमें की लगभग 300 से 325 मरीज सर्दी, खांसी, बुखार से ग्रसित आ रहे हैं. जिसका रोजाना ओपीडी में इलाज किया जा रहा है. सदर अस्पताल के फिजिशियन चिकित्सा पदाधिकारी डॉ एसपी विनकर ने बताया कि अभी का मौसम बड़ा ही संवेदनशील है. इस मौसम में सर्दी खांसी बुखार होना एक वायरल आम समस्या है. इस बीमारी से अभी के समय में परिवार का कोई ना कोई सदस्य जरूर ग्रसित है. इस मौसम में लू लगना यानी कि हीट स्ट्रोक, इसे मेडिकल टर्म में हाइपरथर्मिया कहा जाता है. गर्मी के मौसम में होने वाली सबसे कॉमन बीमारियों में से ये एक है. अगर लंबे समय तक तेज धूप में रहते हैं तो लू की चपेट में आ सकते हैं. हीट स्ट्रोक होने पर सिर में तेज दर्द, तेज बुखार, उल्टी, तेज सांस लेना, चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना या बेहोश हो जाना, यूरिन कम पास होना जैसे लक्षण आते हैं. लू से बचने के लिए कभी भी खाली पेट बाहर न निकलें. हाइड्रेट रहें और जहां तक हो सके खुद को ढक कर ही धूप में जाएं. डॉ विनकर ने बताया की फूड पॉइजनिंग भी गर्मियों में होने वाली एक कॉमन समस्या है. यह दूषित भोजन या दूषित पानी के सेवन से होता है. इस मौसम में बैक्टीरिया, वायरस और फंगस तेजी से ग्रोथ करते हैं. ऐसे में शरीर के अंदर अगर किसी तरह का बैक्टीरिया, वायरस, टॉक्सिन आदि चला जाए तो फूड पॉइजनिंग हो सकता है. इसके लक्षण की बात करें तो इसमें पेट दर्द, जी मिचलाना, दस्त, बुखार और शरीर में दर्द आदि होते हैं. इसमें न सिर्फ पेट मरोड़ के साथ दर्द करता है. बल्कि डायरिया, उल्टी जैसी समस्याएं भी नजर आने लगती हैं. इसलिए इस मौसम में रोड किनारे का खाना, नॉनवेज खुले में बिक रहा खाना, ठंडा खाना, बासी खाना, तेल माशाला ज्यादा खाना, फास्ट फूड भोजन करने से बचे. इसके अलावा स्किन पर रैश और घमौरी होना भी आम है. इन सभी बातों का रखे ख्याल अस्पताल के चिकित्सक डॉ विनकर ने बताया कि इस मौसम में अपने आप को स्वस्थ रखने के लिए भोजन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. सुबह नाश्ता जरूर करें, ठंडा पानी नहीं पीकर नॉर्मल पानी पिए, कोल्ड ड्रिंक का सेवन न करें. फास्ट फूड आइटम से परहेज करें. हल्की एक्सरसाइज जरूर करे. बच्चों और बुजुर्गों का इस मौसम में विशेष ध्यान रखें. अभी ठंडा खाद्य पदार्थ का सेवन करें. दोपहर में 12:00 बजे से लेकर दोपहर के 3:00 बजे तक हो सके धूप में निकलने से परहेज करें. यदि निकलना हो तो सर को ढक कर निकले. नारियल पानी का सेवन करें, हलका सूती वस्त्र का इस्तेमाल करे, ज्यादा तेल मसाला खाने से बचे. कुछ दिनों में जब शरीर मौसम से तालमेल बिठा लेगा तभी सभी समस्याएं दूर हो जायेग.
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