22.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

कैंसर रोग में कारगर है पहाड़ी फल राम भूटान

कोढ़ा प्रखंड के रौतारा के प्रसिद्ध किसान कालीदास बनर्जी एक बार फिर एक नयी प्रजाति का पहाड़ी फल जिसे राम भूटान व रामबूतान के नाम से जाना जाता है.

हसनगंज. कोढ़ा प्रखंड के रौतारा के प्रसिद्ध किसान कालीदास बनर्जी एक बार फिर एक नयी प्रजाति का पहाड़ी फल जिसे राम भूटान व रामबूतान के नाम से जाना जाता है. जो औषधीय गुणों से भरपूर कैंसर रोग में कारगर साबित होने वाला फल की खेती की शुरुआत की है. उन्होंने अपने बाग में रामभूटान फल के पौधे लगाकर इसकी शुरुआत की है. कालीदास बनर्जी ने बताया कि मुझे हमेशा कुछ नयी प्रजाति की खेती करने का शौक है. जिसको लेकर सिलीगुड़ी दार्जिलिंग से रामभूटान का पौधा मंगवाकर अपने बाग में लगया है. 30 से 40 डिग्री का तापमान वाले क्षेत्रों में इसकी खेती आसानी से की जा सकती है. व्यवसाय के दृष्टिकोण से यह खेती किसानों के लिए काफी फायदेमंद है. महज एक पेड़ 50 से 60 हजार रुपए की आय दे सकती है. उन्होंने कहा कि अभी इस फल को कटिहार, पूर्णिया सहित क्षेत्रों में लोग कम जान रहे हैं. मुझे भी खुद इसका कोई पता नहीं था. जब इसकी खेती व फल के गुणों के बारे में पता चला है तो सिलीगुड़ी दार्जिलिंग से इसका पौधा मंगाकर अपने बाग में लगया है. बताया यह अनोखा फल हूबहू लीची की तरह दिखता है. लेकिन वह लीची नहीं रामभूटान के नाम से जाना जाता है. फल का ऊपरी सतह रेशेदार होता है. अंदर लीची की तरह गुद्देदार होता है. राम भूटान फल के सेवन से हड्डियों को मजबूत किया जा सकता है. साथ ही जोड़ों के दर्द व शरीर में ताकत के लिए एनर्जी का काम करता है. इसमें कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट मौजूद है जो शरीर में ग्लूकोज का निर्माण करता है. एनर्जी को बढ़ाने में मदद करता है. कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ने के लिए राम भूटान फल सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा काफी ज्यादा पाई जाती है. जो कैंसर जैसी बीमारियों को रोकता है. साथ ही शरीर की कोशिकाओं को प्रभावित होने से भी बचाता है. बताया यह पौधा तीन साल में फल देना शुरू कर देता है. एक पेड़ से कम से कम दो क्विंटल फल का उत्पादन हो सकता है. उन्होंने क्षेत्र के किसानों से अपील करते हुए कहा कि व्यवसाय की दृष्टिकोण से राम भूटान की खेती बेहतर कारगर साबित हो सकता है. अपने कटिहार, पूर्णिया, अररिया में 30 से 40 डिग्री तापमान में यह खेती किया जा सकता है. जो रोजगार के लिए लाभप्रद साबित होगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel