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भारत के स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी पर पीएम मोदी का भरोसा, दुनिया में नंबर वन बनने की अपील की

PM Modi On Startup: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को स्टार्टअप इंडिया के 10 पूरे होने पर भारत के उद्यमियों से अगले 10 साल में इसे दुनियाभर में नंबर वन बनाने की अपील की. इसके साथ, ही उन्होंने एआई को भी पूरी दुनिया में फैलाने की बात कही है. दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने स्टार्टअप्स से मैन्युफैक्चरिंग और रिसर्च बढ़ाने पर जोर दिया. इस रिपोर्ट में पढ़ें कि स्टार्टअप और एआई से संबंधित कौन-कौन सी बातें कहीं हैं?

PM Modi On Startup: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत को अपनी स्टार्टअप कंपनियों की इनोवेशन कैपिसिटी और आत्मविश्वास पर पूरा भरोसा है. उन्होंने कहा कि आने वाले 10 साल में देश को वैश्विक स्तर पर स्टार्टअप रुझानों और तकनीक में नेतृत्व करना चाहिए. ‘स्टार्टअप इंडिया’ पहल के 10 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से इनोवेशन-ड्रिवन इकॉनमी की ओर बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि जो देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में आगे रहेगा, उसे भविष्य में कंपीटेटिव बढ़त मिलेगी. उन्होंने स्टार्टअप्स से अपील की कि वे एआई समेत उभरती तकनीकों में निवेश बढ़ाएं और दुनिया की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए समाधान विकसित करें.

स्टार्टअप और तकनीक में नेतृत्व करे भारत

कार्यक्रम में मौजूद स्टार्टअप फाउंडर्स और उद्यमियों से बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब समय आ गया है कि स्टार्टअप सिर्फ कारोबारी मॉडल तक सीमित न रहें, बल्कि नए विचारों, समस्याओं के समाधान और गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के विकास पर फोकस करें. प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि आने वाले 10 सालों में भारत नए स्टार्टअप रुझानों और तकनीक में दुनिया का नेतृत्व करे.” उन्होंने दोहराया कि उन्हें देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम, युवाओं के साहस, आत्मविश्वास और नवाचार क्षमता पर पूरा भरोसा है.

मैन्युफैक्चरिंग और रिसर्च पर बढ़े फोकस

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष जोर दिया कि अब स्टार्टअप फर्मों को मैन्युफैक्चरिंग और रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर अधिक ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज किया गया रिसर्च ही भविष्य में बौद्धिक संपदा बनेगा और यही किसी भी देश की असली ताकत होती है. उन्होंने कहा कि सरकार ने स्टार्टअप कंपनियों को शुरुआती पूंजी उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं. इसके साथ ही, पुराने और अप्रासंगिक नियमों को हटाकर कारोबार को आसान बनाने की दिशा में भी बड़े कदम उठाए गए हैं, ताकि युवाओं को स्टार्टअप शुरू करने में कम से कम समस्या का सामना करना पड़े.

भारत तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम

प्रधानमंत्री ने भारत के स्टार्टअप सफर का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में देश में जहां केवल चार स्टार्टअप थे. वहीं, आज इनकी संख्या दो लाख से अधिक हो चुकी है. उन्होंने कहा कि भारत अब दुनिया की तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है. उन्होंने कहा कि देश में एक अरब डॉलर या उससे अधिक मूल्यांकन वाली 125 से अधिक सक्रिय ‘यूनिकॉर्न’ कंपनियां हैं. यह भारत में इनोवेशन बेस्ट इकोनॉमी के मजबूत होने का इंडिकेशन है.

स्टार्टअप इंडिया की रफ्तार तेज

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘स्टार्टअप इंडिया’ की रफ्तार लगातार तेज हो रही है. कई यूनिकॉर्न कंपनियां अब अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लेकर आ रही हैं, जिससे पूंजी बाजार में उनकी भागीदारी बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन भी कर रहे हैं, जो देश की आर्थिक प्रगति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.

स्टार्टअप में महिलाओं की बढ़ रही भागीदारी

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब स्टार्टअप कल्चर सिर्फ महानगरों तक सीमित नहीं रही है. मझोले और छोटे शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के युवा भी बड़ी संख्या में स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं, जो देश में उद्यमिता के विस्तार का संकेत है. महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज 45% स्टार्टअप फर्मों में महिलाएं निदेशक या भागीदार हैं. यह आंकड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व को दर्शाता है.

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स्टार्टअप में जोखिम लेने वाले बने भारत की पहचान

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पहले जोखिम लेने की प्रवृत्ति को हतोत्साहित किया जाता था, लेकिन अब यह सामान्य हो गई है. आज भारतीय स्टार्टअप संस्थापकों का आत्मविश्वास और बड़ी सोच देश की नई पहचान बन रही है. ‘स्टार्टअप इंडिया’ अभियान की शुरुआत 16 जनवरी 2016 को इनोवेशन को बढ़ावा देने, उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और निवेश आधारित वृद्धि को गति देने के उद्देश्य से की गई थी. इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ स्टार्टअप संस्थापकों से संवाद भी किया और उनके उत्पादों व सेवाओं की जानकारी ली.

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KumarVishwat Sen
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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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