मनसाही पीएचसी में एक सप्ताह से ठप है ओपीडी सेवा, मरीजों का नहीं हो रहा इलाज

मनसाही पीएचसी में पिछले करीब एक सप्ताह से ओपीडी सेवा ठप है.
महिला मरीजों के साथ छेड़खानी के बाद हो हंगामा के बाद से ठप है ओपीडी सेवा
चिकित्सक लगा रहे न्याय व सुरक्षा की गुहार
कटिहार. मनसाही पीएचसी में पिछले करीब एक सप्ताह से ओपीडी सेवा ठप है. जिसके कारण अस्पताल आने वाले मरीजों को बगैर इलाज कराये ही वापस लौटना पड़ रहा है. इलाज के अभाव में थक हारकर प्रतिदिन बैरंग लौटने की विवशता बनी हुई है. केवल इंमरजेंसी सेवा के तहत ही इलाज की जा रही है. मंगलवार को भी आये कई मरीजों ने बताया कि पीएचसी मनसाही में 26 नवंबर की रात दो मरीजों के साथ छेड़खानी व 27 नवंबर को हो हंगामा के बाद से ही ओपीडी सेवा ठप है. आम लोगों का कहना है कि घटना को अंजाम देने वाले युवक को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. उसके बाद भी अब तक ओपीडी सेवा बहाल नहीं होने से वे लोग परेशान हैं. जदयू नेता बलराम पोद्दार व अन्य नेताओं का कहना है कि ओपीडी में पचास से डेढ़ सौ मरीज इलाज के लिए रोज पहुंचते हैं. सप्ताह दिन से ओपीडी सेवा ठप होने के कारण करीब पांच सौ से ऊपर मरीज प्रभावित हुए हैं. उनकी माने तो चिकित्सक अस्पताल आते हैं. लेकिन ओपीडी सेवा बहाल नहीं है. केवल इमरजेंसी के तहत इक्का दुक्का मरीजों का इलाज हो पा रहा है. इस मामले को लेकर उनके द्वारा सीएस से फोनिक वार्ता कर ओपीडी सेवा बहाल करने की मांग की है. बलराम पोद्दार का कहना है कि सीएस द्वारा ओपीडी सेवा बहाल होने की बात कही गयी. अगर नहीं हो पाया है तो प्रभारी से बात कर ओपीडी सेवा बहाल करने की बात कही गयी. जबकि मनसाही पीएचसी चिकित्सकों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उनलोगों को न्याय व सुरक्षा उपलब्ध करायी जाय.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




