अब वार्ड सदस्य की जिम्मेदारी़ मोक्ष धाम से मृत्यु प्रमाण-पत्र तक

अब वार्ड सदस्य की जिम्मेदारी़ मोक्ष धाम से मृत्यु प्रमाण-पत्र तक
बारसोई जन्म का पंजीकरण तो होता आया है, लेकिन मृत्यु के बाद प्रमाण-पत्र पाने के लिए परिजनों को महीनों दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे. अब इस पीड़ा को दूर करने की दिशा में बिहार सरकार ने एक ठोस कदम उठाया है. शनिवार को बारसोई प्रखंड सभागार में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम इसी बदलाव की शुरुआत बना. “सबका सम्मान जीवन आसान ” योजना के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण में प्रखंड की विभिन्न पंचायतों के वार्ड सदस्य एवं पंचायत सचिव एक साथ एक मंच पर जुटे. पंचायत सचिव मुकेश ठाकुर, अशोक कुमार, सुमित कुमार, दीपक कुमार एवं डब्लू कुमार ने वार्ड सदस्यों को विस्तार से समझाया कि यह प्रशिक्षण महज एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उनकी नई संवैधानिक जिम्मेदारी की तैयारी है.प्रशिक्षण में स्पष्ट किया गया कि अब प्रत्येक वार्ड सदस्य अपने वार्ड में सरकारी भूमि पर स्थित कब्रिस्तान, शवदाह गृह, मोक्ष धाम एवं श्मशान घाट के आधिकारिक प्रभारी होंगे. इन स्थलों का संचालन, साफ-सफाई और रख-रखाव सब कुछ अब उनकी प्रत्यक्ष देखरेख में होगा. यानी गांव के अंतिम संस्कार स्थल अब उपेक्षा के नहीं, जिम्मेदारी के केंद्र बनेंगे.सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब किसी की मृत्यु होने पर वार्ड सदस्य तत्काल इसकी सूचना प्रखंड कार्यालय को देंगे. सूचना मिलते ही पंचायत सचिव मात्र 24 घंटे की निर्धारित समय-सीमा में मृत्यु प्रमाण-पत्र निर्गत करेंगे. शोक में डूबे परिवार को अब न किसी दफ्तर की दहलीज चाटनी पड़ेगी, न हफ्तों इंतजार करना पड़ेगा. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उस व्यापक सोच का हिस्सा है जिसमें पंचायती राज व्यवस्था को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है. जब गांव का वार्ड सदस्य ही अंतिम संस्कार स्थल का प्रभारी होगा और मृत्यु प्रमाण-पत्र 24 घंटे में मिलेगा — तो यही असली “सबका सम्मान ” होगा.
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