मेढ़ विधि से खेती करने पर उर्वरक का होता है सही उपयोग

Updated at : 28 Mar 2026 7:40 PM (IST)
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मेढ़ विधि से खेती करने पर उर्वरक का होता है सही उपयोग

मेढ़ विधि से खेती करने पर उर्वरक का होता है सही उपयोग

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कटिहार दलन पूरब पंचायत के उपसरपंच रविशंकर श्रवणे के फार्म हाऊस में एक दिवसीय जलवायु अनुकूल कृषि प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर बारलॉग इंस्टीच्यूट फॉर साउथ एशिया बीसा पूसा समस्तीपुर पदाधिकारियों ने किसानों को इसको लेकर प्रशिक्षण दिया. इस कार्यक्रम का नेतृत्व डॉ. पज़ानिस्वामी सिलवागणेशन(हब समन्वयक) ने किया. इस दौरान उनलोगों ने किसानों को जलवायु लचीलेपन में सुधार करने में मदद करने के लिए शून्य जुताई के माध्यम से मिट्टी उर्वरता में सुधार, बुवाई के समय के महत्वों से अवगत कराया गया. खीरे में कीट प्रबंधन और ग्रीष्माकालीन फसल प्रथाओं पर ध्यान केन्द्रित किया गया. इस दौरान किसानों को सीधी बुवाई और मेढ़ विधि से खेती करने से किसानों को काफी लाभ मिलेगा. जलजमाव की समस्या से निजात मिल पायेगा. मेढ़ विधि से खेती करने से उर्वरक का सही उपयोग होता है, शून्य जुताई खेती पर खेत का उर्वरा शक्ति बढता है साथ ही खर पतवार में नियंत्रण होता है. इस अवसर पर सरपंच दिनेश मोहन ठाकुर, उपमुिखया श्रीराम सिंह, उपसरपंच रविशंकर श्रवणे, मनोज मीणा, वीर सिंह,किसान सलाहकार संजू कुमारी, एवं प्रगतिशील किसान मौजूद थे.

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