सप्तमी पर वैदिक विधि से मां कालरात्रि की हुई पूजा

सप्तमी पर वैदिक विधि से मां कालरात्रि की हुई पूजा
कोढ़ा सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में नवरात्र की सप्तमी तिथि पर वैदिक विधि-विधान से मां कालरात्रि की पूजा हुई. मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. पूजा के उपरांत जैसे ही मां वैष्णवी के पट खोले गये. वैसे ही दर्शन के लिए लोगों की लंबी कतारें लग गयी. पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा. मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र मेहता ने बताया कि यह मंदिर वर्ष 1960 से प्रखंड वासियों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. कहा, 2005 में राजस्थान से भव्य प्रतिमा मंगवाकर वैदिक रीति से प्राण-प्रतिष्ठा की गयी. समिति अध्यक्ष ने बताया कि 1960 के दशक में मंदिर परिसर में भव्य मेले का आयोजन होता था. जिसमें पश्चिम बंगाल, नेपाल तथा सीमावर्ती जिलों के व्यापारी भाग लेते थे. मनोरंजन के लिए अस्थायी सिनेमा थिएटर भी लगाया जाता था. पिछले दो-तीन वर्षों से सीमित स्तर पर मेला आयोजित किया जा रहा है. नवरात्र के दौरान प्रतिदिन संध्या वेला में यहां विशेष पूजा होती है.
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