पागल कुत्ते का आतंक: बारसोई में दो दर्जन से अधिक लोगों को किया घायल

Published by :RAJKISHOR K
Published at :19 Apr 2026 7:05 PM (IST)
विज्ञापन
पागल कुत्ते का आतंक: बारसोई में दो दर्जन से अधिक लोगों को किया घायल

पागल कुत्ते का आतंक: बारसोई में दो दर्जन से अधिक लोगों को किया घायल

विज्ञापन

– एंटी रेबीज टीके लगाये गये, चिकित्सक ने पांच डोज पूरी करने की दी कड़ी सलाह बारसोई अनुमंडल क्षेत्र में रविवार की सुबह एक पागल कुत्ते ने आतंक मचाते हुए दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों को काटकर घायल कर दिया. घटना ने क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया. सभी घायलों को अनुमंडल अस्पताल बारसोई लाया गया. जहां उन्हें एंटी रेबीज टीके सहित समुचित उपचार प्रदान किया गया. ग्रामीणों के अनुसार रविवार की सुबह करीब छह बजे से ही एक पागल कुत्ता क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में भटकते हुए लोगों पर हमला करने लगा. देखते ही देखते उसने कशीपारा, जौहरपुर, बघवा व बालूपाड़ा सहित कई गांवों में घूम-घूमकर महिलाओं, पुरुषों और बच्चों को अपना शिकार बना लिया. घायलों में कशीपारा के शहादत 27 वर्ष, जौहरपुर के सादिक 60 वर्ष, हाफिज 10 वर्ष, बघवा के साहब 9 वर्ष, जौहरपुर की इस्मत आरा 22 वर्ष तथा बालूपाड़ा की मसीफा खातून 45 वर्ष सहित दो दर्जन से अधिक लोग शामिल हैं. चिकित्सक ने दी अहम सलाह अनुमंडल अस्पताल बारसोई के चिकित्सक डॉ राजीव नयन प्रसाद ने बताया कि सभी घायलों को एंटी रेबीज टीके के साथ-साथ आवश्यक उपचार दिया जा चुका है. उन्होंने स्पष्ट किया कि रेबीज से बचाव के लिए पांच टीकों का पूरा कोर्स लेना अनिवार्य है. इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही जानलेवा हो सकती है. उन्होंने सभी घायलों से अपील की कि वे नियत समय पर अनुमंडल अस्पताल आकर टीके अवश्य लगवायें. कुत्ता काटने पर तुरंत करें ये उपाय चिकित्सकों के अनुसार कुत्ते के काटने के बाद घाव को तत्काल साफ पानी व साबुन से कम से कम दस से पंद्रह मिनट तक अच्छी तरह धोएं. घाव पर कपड़ा, मिट्टी या कोई घरेलू लेप बिल्कुल न लगाएं. बिना एक पल की देरी किए नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचें. एंटी रेबीज टीके की पहली खुराक उसी दिन लें. डॉक्टर द्वारा बताए गए निर्धारित दिनों सामान्यतः शून्य, तीन, सात, चौदह और अट्ठाईस दिन पर टीके का पूरा कोर्स पूर्ण करें. यदि घाव गहरा हो तो चिकित्सक की सलाह पर एंटी रेबीज इम्युनोग्लोब्युलिन (एआरजी) का इंजेक्शन भी लगवायें. बचाव के लिए ये सावधानियां बरतें यदि कोई कुत्ता असामान्य व्यवहार जैसे मुंह से लार टपकाना, लड़खड़ाकर चलना या बिना कारण भौंकना करता दिखे तो उससे दूर रहें और तुरंत वन विभाग अथवा नगर निकाय को सूचित करें. बच्चों को अनजान या आवारा कुत्तों के पास न जाने दें. अपने पालतू कुत्ते को नियमित रूप से रेबीज का टीका लगवाएं. रेबीज एक घातक वायरल रोग है. एक बार लक्षण प्रकट होने के बाद इसका कोई उपचार नहीं है. इसलिए समय पर टीकाकरण ही एकमात्र सुरक्षा है. प्रशासन से मांग ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन और वन विभाग आवारा तथा पागल कुत्तों की धरपकड़ के लिए तत्काल अभियान चलाए. ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.

विज्ञापन
RAJKISHOR K

लेखक के बारे में

By RAJKISHOR K

RAJKISHOR K is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन