खेल मैदान का अभाव, ग्रामीण युवाओं को अभ्यास में परेशानी

Published by :RAJKISHOR K
Published at :20 Apr 2025 6:44 PM (IST)
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खेल मैदान का अभाव, ग्रामीण युवाओं को अभ्यास में परेशानी

खेल मैदान का अभाव, ग्रामीण युवाओं को अभ्यास में परेशानी

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– अतिरिक्त राशि देकर राजेंद्र स्टेडियम में कर रहे होमगार्ड व बिहार पुलिस की फिजिकल की तैयारी – 484 रिक्त बल के लिए जिले से आया है 18240 के करीब आवेदन कटिहार शहरी क्षेत्र में खेल मैदान के अभाव का खामियाजा इन दिनों होमगार्ड की तैयारी करने वाले शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को भुगतना पड़ रहा है. नगर निगम क्षेत्र में छाेटा बड़ा मैदान की संख्या करीब छह है. जिसमें बीएमपी कवायद मैदान, रेलवे मैदान, राजेन्द्र स्टेडियम, माहेश्वरी एकेडमी मैदान, डीएस कॉलेज समेत एक अन्य शामिल है. राजेन्द्र स्टेडियम में कुकुरमुत्ते की तरह होमगार्ड व जिला पुलिस भरती को लेकर प्रशिक्षण केन्द्र चलाये जा रहे हैं. ग्रामीण क्षेत्र के युवा आर्थिक रूप से परेशान हो रहे हैं. जिला प्रशासन इस ओर मूकदर्शक बना हुआ है. ऐसा शहरी व ग्रामीण क्षेत्र से फिजिकल तैयारी करने पहुंचने वाले कई युवाओं का कहना है. दलन से आने वाले युवाओं का कहना है कि पहली बार होमगार्ड की भर्ती के लिए अधिक संख्या में युवाओं ने आवेदन किया है. उनलोगों का कहना है कि मार्च के अंतिम सप्ताह से होमगार्ड भरती के लिए आवेदन लिया जा रहा है. 16 अप्रैल को अंतिम तिथि तक 484 सीट के लिए करीब 18 हजार दौ सौ चालीस आवेदन आये हैं. 23 अप्रैल से भरती को लेकर प्रवेश पत्र डाउनलोड किया जायेगा. शारीरिक तैयारी करने वाले युवाओं की माने तो केवल राजेन्द्र स्टेडियम में कई ट्रेनरों द्वारा राशि लेकर प्रशिक्षण कराया जा रहा है. किसी के द्वारा 25 सौ, किसी के द्वारा दो हजार तो किसी के द्वारा 15 सौ एक ऐसे ट्रेनर हैं. जिन्होंने केवल 99 रूपये रजिस्ट्रेशन के नाम पर राशि लेकर प्रशिक्षित कराया जा रहा है. अहले सुबह से ही राजेन्द्र स्टेडियम में लगती है भीड़ कई युवाओंं की माने तो अहले सुबह से ही राजेद्र स्टेडियम में दौड़, ऊंची कूद, लम्बी कूद व गोला फेंक के लिए पहुंचते हैं. ट्रेनरों की मनमानी इस कदर है कि बिना शुल्क के प्रशिक्षुओं को जैसे- तैसे प्रशिक्षण दिया जाता है. यहां तक गोला फेंकने के लिए भी राशि देने की मजबूरी बन जाती है. जिन प्रशिक्षुओं द्वारा राशि देकर प्रशिक्षण लिया जाता है. उनलोगों को सुबह ही गोला फेंक, हाईजम्प, लांग जम्प आदि करवा लिया जाता है. उनलोगों के मैदान छोड़ने के बाद करीब साढ़े आठ नौ बजे के बीच गोला फेंकवाने का रियाज कराया जाता है. इससे वे लोग इस प्रक्रिया से वंचित हो जाते हैं. एनएच हाईवे पर दौड़ कर करते हैं अभ्यास रामपुर के प्रिंस कुमार, शिवम कुमार, संजू ठाकुर समेत अन्य का कहना है कि पंचायत स्तर पर ग्राउंड नहीं होने के कारण उनलोगों को फिजिकल तैयारी करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. होमगार्ड की भरती का समय करीब आने की वजह से वे लोग एनएच हाईवे पर दौड़ लगाकर अपनी तैयारी करते हैं. हाईजम्प के लिए गेहूं का भूंसा करीब साढ़े आठ सौ क्विंटल खरीदकर तैयारी करने की विवशता बनी रहती है. जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट होने से उनलोगों की समस्याओं से निजात संभव हो पायेगा. संज्ञान में है मामला, जिला पदाधिकारी को कराया जायेगा अवगत 28 करोड़ की राशि से राजेन्द्र स्टेडियम के समीप स्पाेर्टस कम्प्लेक्स बनना है. राजेन्द्र स्टेडियम का भी कायाकल्प किया जाना है. इसके लिए निविदा का अंतिम समय 24 अप्रैल तय है. इसके बाद जिसके नाम से निविदा होगा. कार्य को शीघ्र करा लिया जायेगा. राजेन्द्र स्टेडियम में दौड़, ऊंची कूद, लम्बी कूद व गोला फेंक के लिए कई एकेडमी चलाया जा रहा है. युवाओं से मोटी राशि वसूली जा रही है. यह गलत है. इस मामले को जिला पदाधिकारी को अवगत कराया जायेगा. संजीव सिंह, खेल पदाधिकारी, कटिहार

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