खेत में मिले तेंदुए के पंजे के निशान: फोटो-वीडियो वायरल होने से कुरसेला प्रक्षेत्र में दहशत
भिंडी के खेत में मिले तेंदुए के संदिग्ध पंजे के निशान
Leopard Footprint: कटिहार जिले के कुरसेला थाना क्षेत्र अंतर्गत भिंडी के एक खेत में तेंदुए के संदिग्ध पंजे के निशान मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. सोशल मीडिया पर पंजे के निशान का वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल होने के बाद सीमावर्ती गांवों के किसान और मजदूर खेतों में जाने से कतरा रहे हैं.
कटिहार के कुरसेला से अजीत कुमार ठाकुर की रिपोर्ट
Leopard Footprint: कटिहार जिले के नगर पंचायत कुरसेला बस्ती अंतर्गत पछियारी टोला और उससे सटे सीमावर्ती गांव कोशकीपुर के बहियारा (खेतों) में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों ने जमीन पर किसी हिंसक जानवर के बड़े-बड़े पदचिह्न देखे. भिंडी के खेत में मिले इन निशानों को स्थानीय लोग तेंदुए के पंजे के निशान बता रहे हैं. किसी ग्रामीण द्वारा इसका लाइव वीडियो बनाकर सोशल मीडिया की कड़ियों पर साझा किए जाने के बाद यह तेजी से वायरल हो गया. हालांकि, स्थानीय मीडिया और वन विभाग इस वायरल वीडियो के दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं करता है, लेकिन एहतियातन पूरे प्रक्षेत्र में हाई-अलर्ट जैसी स्थिति बन गई है.
दियारा और गाइड बांध के रास्ते हिंसक पशु के आने की आशंका
- प्राकृतिक गलियारा: कोशकीपुर से लेकर कुरसेला बस्ती तक के खेतों में इस समय मकई और भिंडी की घनी फसलें खड़ी हैं. इस प्रक्षेत्र से महज एक से दो किलोमीटर की दूरी पर कोसी नदी और गाइड बांध का घना झाड़ीदार जंगली इलाका शुरू होता है, जो आगे चलकर कोसी के पार विस्तृत दियारा क्षेत्र से जुड़ता है. ग्रामीणों को आशंका है कि कोई तेंदुआ नदी पार कर या जंगलों के रास्ते भटककर इन खेतों में छिपकर बैठा हो सकता है.
- टीकापट्टी की घटना से जुड़ा कनेक्शन: हाल ही में पड़ोसी जिले पूर्णिया के टीकापट्टी प्रक्षेत्र में भी एक तेंदुआ दिखाई दिया था, जिसे ग्रामीणों ने आत्मरक्षा में मार गिराया था. इलाके में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि यह हिंसक जीव उसी मृत तेंदुए का बिछड़ा हुआ साथी हो सकता है, जो भोजन और आश्रय की तलाश में इस कॉरिडोर तक आ पहुंचा है.
शाम होते ही घरों में दुबक रहे हैं लोग; समूहों में निकल रहे हैं किसान
“वीडियो वायरल होने के बाद पछियारी टोला और कोशकीपुर में खौफ का माहौल संधारित है. शाम ढलते ही लोग अपने मासूम बच्चों के साथ घरों के भीतर कैद होने को मजबूर हैं. किसानों और बटाईदारों ने वन विभाग के मुख्य कप्तानों से मांग की है कि प्रभावित खेतों के समीप अविलंब पिंजरा लगाया जाए और सघन गश्त (पेट्रोलिंग) शुरू की जाए.”
वन विभाग की टीम और स्थानीय पुलिस अलर्ट पर
कुरसेला थाना पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो और तस्वीरों की सत्यता की जांच की जा रही है. समाचार लिखे जाने तक वन विभाग की कोई आधिकारिक टेक्निकल टीम मौके पर पदचिह्नों (Pugmarks) का वैज्ञानिक संधारण करने नहीं पहुंची थी. पुलिस कप्तानों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले या रात के समय लाठी-डंडे और रोशनी के पुख्ता इंतजाम के बिना खेतों की तरफ न जाएं और किसी भी संदिग्ध हलचल की स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करें.
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लेखक के बारे में
By Divyanshu Prashant
दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।
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