सिमरिया कर्मू टोला में अवैध रूप से धड़ल्ले से हो रही मिट्टी कटाई

जिले के कोढ़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत सिमरिया कर्मू टोला में अवैध मिट्टी खनन का मामला लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है.
बर्बादी के कगार पर किसानों की जमीन
कटिहार. जिले के कोढ़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत सिमरिया कर्मू टोला में अवैध मिट्टी खनन का मामला लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है. यहां बेखौफ तरीके से बड़े पैमाने पर मिट्टी की कटाई की जा रही है, जिससे दर्जन भर किसानों की खेती योग्य जमीन बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गयी है. समस्या से परेशान किसानों ने जिला पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक तक आवेदन देकर न्याय की गुहार लगायी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है.स्थानीय ग्रामीण साबिर, सकीना खातून, इलियास सहित अन्य किसानों ने बताया कि उनके खेतों के समीप बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी कटाई की जा रही है. ग्रामीणों के अनुसार, उनकी जमीन से सटे भूदान की भूमि पर कुछ लोगों द्वारा जबरन 20 से 25 फीट गहरे गड्ढे खोदकर मिट्टी निकाली जा रही है. हैरानी की बात यह है कि यह अवैध खनन कार्य अब भी लगातार जारी है. खनन कार्य में जेसीबी, ट्रैक्टर और टिपर जैसे भारी वाहनों का खुलेआम उपयोग किया जा रहा है और निकाली गई मिट्टी को बाजार में बेचा जा रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि नकटीपुर निवासी रंजीत कुमार उर्फ मुन्ना, ललन साह समेत 15-20 अज्ञात लोग इस अवैध धंधे में शामिल हैं. किसानों का कहना है कि इस अवैध खनन के कारण उनकी जमीन की स्थिति अत्यंत खराब हो गयी है. मिट्टी खनन गहरे गड्ढों में अब जमीन से निकलकर पानी भरने लगा है, जिससे आसपास की खेती पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है. इससे न केवल वर्तमान फसल प्रभावित हो रही है, बल्कि भविष्य में खेती करना भी मुश्किल हो सकता है. ग्रामीणों ने बताया कि यह अवैध खनन कार्य पिछले जनवरी महीने से लगातार जारी है. इस संबंध में उन्होंने पूर्व में भी स्थानीय थाना और जिला खनन विभाग को शिकायत दी थी, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गयी है. इससे खनन माफियाओं के हौसले और बुलंद हो गए हैं.
अब सवाल यह उठता है कि जब गांव के दर्जनों किसान प्रशासन के उच्च अधिकारियों तक गुहार लगा चुके हैं, तो आखिर कब तक इन माफियाओं पर कार्रवाई होगी. फिलहाल ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है और वे जल्द से जल्द प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं.कहते हैं खनन पदाधिकारी
इस मामले में जिला खनन विभाग की निरीक्षक अमेया कुमारी ने स्पष्ट कहा कि बिना अनुमति के किसी भी प्रकार का मिट्टी खनन पूरी तरह अवैध है, उन्होंने बताया कि यदि किसी को अनुमति भी दी जाती है, तो अधिकतम चार फीट तक ही मिट्टी की कटाई की जा सकती है. ऐसे में 20 से 25 फीट तक की खुदाई पूरी तरह गैर कानूनी है.कहते हैं मत्सय पदाधिकारी
जिला मत्स्य पदाधिकारी सनत कुमार सिंह ने भी स्पष्ट किया कि यदि तालाब या पोखर निर्माण के लिए मिट्टी काटी जाती है, तो उसके लिए विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य है. और अधिकतम चार से पांच फीट तक ही खुदाई की जा सकती है. उन्होंने कहा कि इस मामले में मत्स्य विभाग से कोई अनुमति नहीं ली गयी है, जिससे यह खनन पूरी तरह अवैध प्रतीत होता है.
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