दर्जनों सीसीटीवी कैमरा, उंची चारदीवारी, सुरक्षा के इंतजाम के बाद भी कैसे भागी नाबालिग

दर्जनों सीसीटीवी कैमरा, उंची चारदीवारी, सुरक्षा के इंतजाम के बाद भी कैसे भागी नाबालिग
– दो नाबालिग के गायब होने के 12 दिन बाद प्राथमिकी दर्ज कराने पर उठे रहे सवाल कटिहार प्रखंड कार्यालय स्थित बृहद आश्रय गृह से दो नाबालिग लड़की के गायब होने के 12 दिन बाद प्राथमिकी दर्ज कराने मामले में कई सवाल उठ खड़े हुए हैं. उच्च स्तरीय जांच होने पर कई की गर्दन फंस सकती है. बृहद आश्रय गृह को चलाने के नाम पर सरकार प्रतिमाह लाखों की राशि खर्च कर रही है. इसके पहले करोड़ों का भवन का निर्माण कराया गया है. दर्जनों सीसीटीवी कैमरा लगाये गये हैं. पुलिस पदाधिकारी से लेकर महिला व पुरूष जवानों की तैनाती गयी है. उंची चारदीवारी है. दो नाबालिग के फरार हो जाने से इसके संचालन में बरती जा रही लापरवाही सामने आ गयी है. सूत्रों का कहना है कि मामले को दबाने का हर संभव प्रयास किया गया है. पर जब मामला नहीं दबा तो 12 दिनों के बाद वार्डन की शिकायत पर सहायक थाना में मामला दर्ज कराया गया. हालांकि इस मामले में जिला पदाधिकारी सख्त रवैया अपनाया है. गौरतब हो कि किशनगंज से ट्रैफिकिंग के मामले में बरामद दो नाबालिग लड़की को कटिहार के बाल सुधार गृह में भेजा गया था. जहां से दोनों नाबालिग 17 फरवरी से ही गायब है. मामले को लेकर वार्डन मुर्शीदा के आवेदन पर कांड दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट है. पर मामल दर्ज होने के दूसरे दिन भी पुलिस को किसी तरह की कोई सफलता हाथ नहीं लगी है. बाल गृह में चार यूनिट है. जिसमें दो यूनिट में बालक तथा दो यूनिट में बालिका रहती है. इसी यूनिट से दो नाबालिग लड़की गायब है. पांच एकड़ भूमि में भवन का किया गया है निर्माण सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टिकोण से यूनिट- वन में कुल 17 सीसीटीवी कैमरा एवं यूनिट 2 में कुल 9 सीसी टीवी कैमरा लगाया गया है. इसी प्रकार बालगृह के भवन में 50- 50 अवसान क्षमता के दो यूनिट में निर्मित है. प्रत्येक यूनिट में बच्चों का अवसान के लिए प्रत्येक तल पर आसान क्षमता के तीन डॉरमेट्री सहित कुल नौ डॉरमेट्री बने हुए हैं. बालगृह के प्रवेश निकास द्वार के निकट गार्ड की ड्यूटी के लिए गार्ड कक्षा बना हुआ है. जिसमें एक -चार सुरक्षा बल प्रतिनियुक्ति है. सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से यूनिट वन में कुल 12 सीसी टीवी कैमरा एवं यूनिट 2 में कुल 21 सीसी टीवी कैमरा लगाया गया है. उक्त भवन का निर्माण पांच एकड़ भूमि में किया गया है. जिसमें बालगृह के लिए एक भवन, बालिका गृह के लिए एक भवन, एक प्रशासनिक भवन पदाधिकारी एवं कर्मचारियों के लिए आवास, गार्ड कक्ष का निर्माण एक ही परिसर में किया गया है. बावजूद दो नाबलिग के भाग जाने की बात लोगों के समझ से परे हैं. प्रत्येक यूनिट में दस-दस पदाधिकारी व कर्मी हैं तैनात प्रत्येक यूनिट में 10-10 कर्मचारी की प्रतिनियुक्ति की गयी है. जिसमें प्रत्येक गृह में सुपरिटेंडेंट, काउंसलर, अकाउंटेंट, हाउस मदर, हाउस फादर, पारा मेडिकल, केयरटेकर, कुक, हेल्पर, स्वीपर की प्रतिनिधि की गई है. अधिकांश कर्मचारी बृहद आश्रय गृह परिसर में निर्मित क्वार्टर में निवास करते हैं. इसके अलावा बाल संरक्षण पदाधिकारी भी परिसर में निवास करते हैं. बाल संरक्षण इकाई में सहायक निदेशक, बाल संरक्षण पदाधिकारी, सुपरीटेंडेंट, अकाउंटेंट, लीगल कम प्रोफेशनल अफसर, काउंसलर, सोशल वर्कर, डाटा एनालिसिस, आउट रीच वर्कर, पियून कम नाइट गार्ड की प्रतिनियुक्ति की गई है. सभी का कार्य बच्चों के सर्वोत्तम हित के निमित्त कार्य है. लेकिन सभी पदाधिकारी एवं कर्मचारी अपने-अपने दायित्व का अगर शत प्रतिशत पालन करें, तो बच्चों का देखरेख एवं संरक्षण बेहतर हो सकता है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




