मां सरस्वती की प्रतिमा को अंतिम रूप देने में जुटे हैं मूर्तिकार

Updated at : 18 Jan 2026 6:25 PM (IST)
विज्ञापन
मां सरस्वती की प्रतिमा को अंतिम रूप देने में जुटे हैं मूर्तिकार

मां सरस्वती की प्रतिमा को अंतिम रूप देने में जुटे हैं मूर्तिकार

विज्ञापन

कटिहार 23 जनवरी को विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा होगी. सरस्वती पूजा को लेकर लोगों में उत्साह का माहौल है. खास कर सभी शिक्षण संस्थानों में सरस्वती पूजा करने को लेकर तैयारियां जोरों पर चल रही है. पूजा को लेकर इसकी तैयारी बाजार में भी साफ दिख रही है. इधर मां सरस्वती की प्रतिमा को सजाने का कार्य युद्ध स्तर पर मूर्तिकार कार्य में लगे हुए हैं. मां सरस्वती की प्रतिमा को पूरी तरह से फर्निशिंग नहीं दिया गया है. मौसम की बेरुखी के कारण हुआ है. हालांकि मौसम में सुधार होने के साथ ही सभी युद्ध स्तर पर कार्य में लगे हुए है. अब उनके सजावट को लेकर सारे काम पूरे किए जा रहे हैं. चूंकि 22 जनवरी शाम तक ही सभी प्रतिमा की डिलीवरी दी जायेगी. प्रतिमा को लेकर पूजा करने वाले सभी शिक्षण संस्थान हो या चौक चौराहों पर पूजा करने वाले क्लब सभी ने अपनी- अपनी पसंद की प्रतिमा बुक करने में भी लगे हुए है. शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में पूजा को लेकर उत्साह देखा जा रहा है. क्लब सदस्यों के द्वारा पूजा को लेकर छोटे-मोटे पंडाल निर्माण का भी कार्य किया जायेगा. मूर्ति बनाने के मिट्टी के दाम छूए रहे आसमान मूर्ति निर्माण करने में मूर्तिकारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. दरअसल मूर्ति बनाने वाले मिट्टी के दाम इस वर्ष और आसमान छू रहे हैं. कारण मिट्टी खनन पर प्रशासनिक सख्ती के बाद मूर्तिकार को मिट्टी बड़ी मुश्किल से मिल रहे हैं. इसलिए मिट्टी के दामों में सीधे पिछले साल से अच्छी खासी बढ़ोतरी हो गई है. जहां पिछले वर्ष एक टेलर मिट्टी 3500 से 4000 रुपए टेलर मिल रहे थे. इस वर्ष मिट्टी 6000 रुपए टेलर पहुंच गया है. मूर्तिकार करण कुमार ने बताया कि इस वर्ष मूर्ति निर्माण करने में सभी सामग्रियों के दाम काफी बढ़ गए हैं. मिट्टी के साथ लेबर कारीगरों के दैनिक मजदूरी के बढोतरी के साथ रंग और पुवाल की कीमतें भी बढ़ी है. उन्होंने बताया कि जहां इस वर्ष एक टेलर मिट्टी 6000 रुपया मिल रही है तो पिछले वर्ष पुवाल 300 रूपया सैकड़ा मिलता था, तो इस वर्ष पुवाल के दाम भी 400 रूपया सैकड़ा हो गया है. जबकि सजावट के सामान की भी कीमतें काफी बढ़ी है. मूर्तिकार करण ने बताया कि मिट्टी के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. मिट्टी कुरेठा से मंगाया जाता है. मूर्ति बनाने के लिए चिकनी मिट्टी हर जगह उपलब्ध नहीं होती है. इस कारण से मिट्टी विक्रेता भी मनचाहा दाम लेने से पीछे नहीं हटते हैं. इस वर्ष 6000 रूपया टेलर मिट्टी की खरीदारी हुई है. सजावट को लेकर बाजार में खरीदारी हुई शुरू सरस्वती पूजा को लेकर खासकर छात्र-छात्राओं में गजब का उमंग रहता है. पूजा को लेकर खास करके सजावट पर पूरा ध्यान दिया जाता है. इसी को लेकर चाहे वह स्कूल हो या कोई शिक्षण संस्थान या क्लब सभी जगह मां सरस्वती की प्रतिमा को स्थापित कर पूजा अर्चना की जाती है. सिर्फ शहर की बात करें तो बड़ी संख्या में स्कूल, कोचिंग का संचालन हो रहा है. जहां मां सरस्वती की प्रतिमा बिठाकर पूजा अर्चना की जायेगी. इसके अलावा छात्र- छात्राएं अपने घर पर भी मां सरस्वती की छोटी प्रतिमा बैठाकर पूजा अर्चना करते हैं. मुहल्ले में युवाओं के द्वारा अपने क्लब में पूजा अर्चना करते हैं. हर जगह पूजा को लेकर सजावट पर विशेष ध्यान दिया जाता है. इसका परिणाम है कि सजावट को लेकर पूरे बाजार में सजावट के सामान की खरीदारी अभी से शुरू हो गए हैं. खास करके शहर के फलपट्टी बाजार लोगों की खरीदारी की भीड़ देखी जा रही है. सजावट को लेकर थर्माकोल और प्लास्टिक की लड़ियां ढेर सारी कपड़ों के बने प्लास्टिक के बने और थर्माकोल के बने सजावट के सामान से पूरा बाजार सजा हुआ है. जिसकी खरीदारी अभी से शुरू हो गई है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RAJKISHOR K

लेखक के बारे में

By RAJKISHOR K

RAJKISHOR K is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन