हाजत बनी डेथ सेल, अररिया के बाद अब कटिहार में संदिग्ध मौत

हाजत बनी डेथ सेल, अररिया के बाद अब कटिहार में संदिग्ध मौत
फिर वही थानेदार निशाने पर अली अहमद, फलका कटिहार जिले के फलका थाना में एक आरोपित युवक की संदिग्ध मौत ने एक बार फिर पुलिस हिरासत की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यह घटना इसलिए भी ज्यादा चर्चा में है क्योंकि इससे पहले अररिया जिले के ताराबाड़ी थाना में हुई कस्टोडियल डेथ के समय भी थाने की कमान उसी थानाध्यक्ष रवि कुमार के हाथों में थी. फलका थाना क्षेत्र के गोपालपट्टी निवासी 24 वर्षीय राकेश कुमार यादव को पुलिस ने बाइक छिनतई के आरोप में हिरासत में लिया था. शनिवार 04 अप्रैल 2026 की सुबह अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने की सूचना दी गई. पुलिस का दावा है कि युवक ने शुक्रवार रात करीब 10:49 बजे आत्महत्या का प्रयास किया था. गंभीर हालत में उसे पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र और फिर सदर अस्पताल ले जाया गया. लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. हालांकि, मृतक के परिजनों ने पुलिस पर बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगाया है और इसे हत्या करार दिया है. आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने एनएच-77 को जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया. जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए कटिहार एसपी शिखर चौधरी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष रवि कुमार और अनुसंधानकर्ता कुंदन कुमार पटेल को निलंबित कर दिया है. क्या था पुराना मामला ताराबाड़ी थाना, अररिया करीब दो साल पहले, 17 मई 2024 को ताराबाड़ी थाना में भी एक सनसनीखेज घटना हुई थी. पुलिस हाजत में एक प्रेमी जोड़े के शव संदिग्ध अवस्था में फंदे से लटके मिले थे.उस समय भी थानाध्यक्ष रवि कुमार ही थे. घटना के बाद इलाके में भारी बवाल, आगजनी और पथराव हुआ था. जिसके बाद रवि कुमार समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था. उठते बड़े सवाल दोनों घटनाओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली और हिरासत में सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सीसीटीवी पर सवाल: अगर कैमरे चालू थे, तो कथित आत्महत्या की घटना पर नजर क्यों नहीं पड़ी. सुरक्षा में चूक: हाजत के बाहर तैनात संतरी और ड्यूटी अधिकारी उस समय क्या कर रहे थे. पहले की बड़ी घटना के बावजूद कार्यशैली में सुधार क्यों नहीं हुआ. फिलहाल, कटिहार पुलिस अधीक्षक पूरे मामले की खुद निगरानी कर रहे हैं. सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और कस्टोडियल डेथ से जुड़े नियमों के तहत न्यायिक जांच की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है. यह घटना न सिर्फ पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि हिरासत में बंद लोगों की सुरक्षा को लेकर अभी भी कई गंभीर खामियां बनी हुई हैं. बहरहाल पोस्टमार्टम पर सबकी नजर बनी हुई है. मृतक शादी सुदा है उनको तीन बच्चे है. मां कारी देवी का रो- रो कर बुरा हाल है. फिलहाल थाने में भारी संख्या में पूलिस बल तैनात है.
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