सरकारी शिक्षकों को ट्यूशन पढ़ाने पर रोक: आचार संहिता उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

Published by : Divyanshu Prashant Updated At : 12 Jun 2026 12:49 PM

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छात्र-छात्राओं के साथ सरकारी स्कूल के शिक्षक

Private Coaching: बिहार के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग ने एक बड़ा और कड़ा फरमान जारी किया है. अब यदि कोई भी सरकारी शिक्षक स्कूल के बाद या पहले किसी निजी कोचिंग संस्थान, प्राइवेट ट्यूशन या व्यावसायिक केंद्र में पढ़ाते हुए पकड़ा गया, तो उसे अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है. विभाग इसे आचार संहिता का सीधा उल्लंघन मानेगा.

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कटिहार से सूरज गुप्ता की रिपोर्ट

Private Coaching: बिहार में शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने और स्कूलों में पठन-पाठन का माहौल बेहतर करने के लिए शिक्षा विभाग लगातार कड़े कदम उठा रहा है. इसी कड़ी में माध्यमिक शिक्षा निदेशक सज्जन आर ने कटिहार समेत राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को एक बेहद कड़ा और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किया है. नए आदेश के तहत प्रारंभिक (प्राइमरी) से लेकर उच्च माध्यमिक (प्लस टू) विद्यालयों के किसी भी सरकारी शिक्षक को निजी तौर पर ट्यूशन, कोचिंग क्लास या किसी भी प्रकार के व्यावसायिक शैक्षणिक संस्थानों में सेवाएं देने पर पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया गया है. निदेशक ने साफ किया है कि इस नियम की अनदेखी करने वाले शिक्षकों पर त्वरित रूप से दंडात्मक और अनुशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.

स्कूलों में शिक्षकों की अब कोई कमी नहीं; पढ़ाई के प्रति जवाबदेही तय

माध्यमिक शिक्षा निदेशक द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारियों को भेजे गए आधिकारिक पत्र में मुख्य रूप से निम्नलिखित कड़ियों को रेखांकित किया गया है:

  • बीपीएससी से पर्याप्त नियुक्तियां: पत्र में कहा गया है कि बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के माध्यम से बड़े पैमाने पर प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में नए और योग्य शिक्षकों की बहाली की जा चुकी है. अब राज्य और जिले के सभी स्कूलों में शिक्षकों की संख्या पर्याप्त है.
  • गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण: सरकारी स्कूलों के इन शिक्षकों की शैक्षणिक दक्षता और शिक्षण कौशल को लगातार निखारने के लिए विभाग द्वारा समय-समय पर उच्च स्तरीय प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) भी दिया जा रहा है.
  • बच्चों की पढ़ाई हो रही प्रभावित: विभाग का मानना है कि जब शिक्षक स्कूल परिसर या बाहर किसी प्राइवेट संस्थान या ट्यूशन में व्यस्त हो जाते हैं, तो वे अपने मूल विद्यालय के बच्चों को मानसिक रूप से समय नहीं दे पाते. इससे सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं का सर्वांगीण विकास और उनकी दैनिक पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित होती है.

आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा प्राइवेट ट्यूशन; होगी विभागीय कार्रवाई

निदेशक का सख्त आदेश: “डीइओ यह पूरी तरह सुनिश्चित करेंगे कि उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाला कोई भी शिक्षक निजी ट्यूशन या कोचिंग में संलिप्त न हो. यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है, तो इसे सेवा शर्तों का उल्लंघन मानते हुए कानूनी कार्रवाई की जाए.”

आदेश के अनुसार, यदि कोई भी शिक्षक इस प्रतिबंध के बावजूद चोरी-छिपे प्राइवेट कोचिंग या ट्यूशन का संचालन करते या वहां पढ़ाते पाए जाते हैं, तो इसे सरकारी सेवक नियमावली और उनके लिए निर्धारित आचार संहिता (Code of Conduct) का घोर उल्लंघन माना जाएगा. ऐसे दागी शिक्षकों के खिलाफ निलंबन (Suspension), विभागीय कार्यवाही की शुरुआत और सेवामुक्ति (बर्खास्तगी) तक की कठोर कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है.

कटिहार शिक्षा विभाग अलर्ट; औचक निरीक्षण के लिए बनेगी स्पेशल टीम

इस हाई-प्रोफाइल आदेश के बाद कटिहार जिला शिक्षा विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है. डीइओ कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, जिले के विभिन्न प्रखंडों (जैसे कोढ़ा, कटिहार सदर, मनिहारी, बारसोई आदि) में सुबह और शाम के समय संचालित होने वाले प्रमुख कोचिंग हब और ट्यूशन सेंटरों की औचक जांच (Surprise Inspection) के लिए एक विशेष उड़नदस्ता (फ्लाइंग स्क्वाड) टीम का गठन किया जा रहा है.

यह टीम कोचिंग संस्थानों के रजिस्टरों, वहां पढ़ाने वाले शिक्षकों के इनपुट और छात्रों के फीडबैक के आधार पर जांच करेगी. यदि किसी प्राइवेट संस्थान में किसी सरकारी शिक्षक की मौजूदगी के पुख्ता प्रमाण या वीडियो साक्ष्य मिलते हैं, तो संबंधित शिक्षक के साथ-साथ उस कोचिंग संचालक के खिलाफ भी अवैध रूप से सरकारी जनशक्ति का दोहन करने के आरोप में कानूनी शिकंजा कसा जाएगा. इस आदेश से ट्यूशन के जरिए मोटी कमाई करने वाले गुरुजी लोगों में हड़कंप मच गया है.

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Divyanshu Prashant

लेखक के बारे में

By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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