पड़ोसियों से अच्छे संबंधों के बिना नहीं हो सकता आदर्श समाज का निर्माण : नजीर अहमद

Updated at : 29 Nov 2025 11:30 PM (IST)
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पड़ोसियों से अच्छे संबंधों के बिना नहीं हो सकता आदर्श समाज का निर्माण : नजीर अहमद

कहा-जब तक हम अपने आप को नहीं बदलेंगे, तब तक हमारे समाज में मधुरता नहीं आयेगी

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कटिहार. जब तक हम अपने आप को नहीं बदलेंगे, तब तक हमारे समाज में मधुरता नहीं आयेगी. अपने मतलब के लिए दूसरे को परेशान करना, अपनी सहूलियत के लिए, सिर्फ अपने फायदे के लिए पड़ोसियों को परेशान करना यह समाज के लिए सही नहीं है. उक्त बातें जमात-ए-इस्लामी हिन्द के बिहार प्रदेश सचिव नजीर अहमद ने कही. शनिवार को वे पत्रकारों के रूबरू हुए. जहां उन्होंने कहा कि इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी सामाजिकता को भूल रहे हैं. उन्होंने कहा की इस्लाम पड़ोसियों के अधिकारों को बहुत महत्व देता है. इसे एक शांतिपूर्ण व सकारात्मक समाज का बुनियाद मानता है. दूरगामी परिणामों को देखते हुए ये सिखाया गया है कि न केवल अपने निकट पड़ोसियों बल्कि सड़क पर चलने वालों के साथ भी अच्छा व्यवहार करें. उन्होंने कहा कि इस मुहिम के जरिए हमारा उद्देश्य लोगों को उन महत्वपूर्ण शिक्षा-संदेशों की याद दिलाना और उन्हें एक आदर्श पड़ोसी बनने को बस प्रेरणा देना है. प्रदेश सचिव ने कहा कि पड़ोसियों से अच्छे संबंधों के बिना आदर्श समाज का निर्माण नहीं हो सकता. जब लोग अपने पड़ोसियों के साथ निष्पक्षता, दया, क्षमा व इंसाफ के साथ पेश आते हैं तो इससे समाज में सकारात्मक बदलाव आता है. संबंध मजबूत होते हैं, पड़ोसियों के अधिकारों का सम्मान हमारी धार्मिक ज़िम्मेदारी व सामाजिक कर्तव्य भी है. हमारे पैगंबर साहब ने इसे ईमान (आस्था) की निशानी बताया है. इसमें कमी करने को सजा का कारण बताया गया है. हम में से लगभग हर एक को इस सिलसिले में दूसरे से शिकायत है. इसकी वजह से जिंदगी मुश्किल हो गयी है. एक खुशहाल जीवन के कई मूल हैं. इनमें एक पड़ोसी के साथ अच्छा व्यवहार भी है. इस्लाम में पड़ोसी का दायरा सीमित नहीं है, बल्कि बहुत व्यापक है. इसलिए, पड़ोसी में वे लोग भी शामिल हैं, जो आपके साथ काम करते हैं, सफर करते हैं या जिनके साथ आपकी पेशेवर (प्रोफेशनल) नजदीकी है. आज के दौर में ऑनलाइन ग्रुप में शामिल लोग भी हमारे पड़ोसी जैसे हो गये हैं. जो सड़क हमारे करीब से गुज़रती है. उस सड़क से गुज़रने वाले लोग भी अस्थायी तौर पर ही सही, वह भी हमारे पड़ोसी हैं. इस्लाम पड़ोसियों के अधिकारों को बड़ा महत्व देता है. इसे एक सामंजस्यपूर्ण समाज की आधारशिला मानता है. इस मौके पर जिला कार्यक्रम संयोजक अनवर साहिल, सनाउल्लाह सुमन, अबुल कलाम आजाद उपस्थित थे.

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