काढागोला गंगा पुल किसानों हित व अपराध नियंत्रण के साथ चौमुखी विकास का मार्ग खुलेगा

बरारी प्रखंड 1954 से 1987 तक भीषण गंगा कटाव से त्रस्त होकर भवानीपुर, जरलाही, कुंजनगर, जौनिया, काढागोला पंचायत कटाव में तबाह और बर्बाद हो गया.
कटिहार,बरारी प्रखंड 1954 से 1987 तक भीषण गंगा कटाव से त्रस्त होकर भवानीपुर, जरलाही, कुंजनगर, जौनिया, काढागोला पंचायत कटाव में तबाह और बर्बाद हो गया. गंगा का रुद्र रूप ने कई गांवों के साथ किसानों की हजारों हेक्टेयर खेती की जमीन गंगा में चली गयी. पूर्व में जलमंत्रालय की एलसीटी जहाज मालवाहक एवं सवारी की चला करती थी. किसान को भी इसका लाम आवागमन को मिलता था. वह भी बंद हो गया. नाव ही अभी दियारा जाने का एकमात्र साधन है. किसान एवं मजदूरों को अपनी सुरक्षा के साथ दियारा क्षेत्रों में रहनी पड़ती है. खेती करने के लिए काढगोला घाट से पीरपैंती के बीच गंगा पर पुल का निर्माण कार्य कराने को सदियों से लोग प्रयासरत है. जनप्रतिनिधि का इस ओर कभी ध्यान हीं नहीं गया है. विधानसभा एवं लोकसभा में काढागोला गंगा पुल निर्माण की बात सदन पटल पर सांसद एवं विधायक ने रखी. लेकिन इसपर जरा भी अमल नहीं हो रहा. जबकि किसानों की खेती की जमीन उनकी आवाजाही नहीं होने का फायदा उठाकर दबंगों एवं अपराधी जबरन खेती कर पूंजीपति बन रहे है. किसान जिसकी जमीन हैं. वह दर दर भटक रहे है. लोगों का कहना है कि गंगा पर पुल एवं सम्पर्क पथ बनाने की मंजूरी केन्द्र एवं राज्य सरकार की ओर हो जाय तो पुल निर्माण का रास्ता साफ हो जायेगा. काढागोला गंगा पर पुल निर्माण में सरकार को जमीन क्रय नहीं करनी होगी. काढागोला गंगा घाट से 13 मील तक सरकारी एवं पीड़ब्लूडी की जमीन है. जो गंगा कटाव के कारण गंगा में समाया हुआ है. काढ़ागोला-पीरपैंती के बीच पुल बनने से विकास के द्वार खुलेंगे
-गंगा पुल निर्माण संघर्ष समिति काढगोला ने भी काढागोला पीरपैंती के बीच गंगा पर पुल निर्माण कराने की मुहिम चला रखी है. उनका मामना है कि किसानों के हित में गंगा पर पुल निर्माण होगा. मनिहारी, भवानीपुर, बकिया, सर्वाराम, कान्तनगर, गोबराही, खवासपुर, अढनिया दियारा में अपराध नियंत्रण में मील का पत्थर साबित हो सकेगा. पुल निर्माण से नेपाल, बंगाल, झारखंड आदि क्षेत्रों से जुड़ विकास की गति तेज होगी. व्यवसाय बढ़ेगा. एतिहासिक महत्व के साथ पर्यटकों का आना अधिक होगा. गंगा दार्जलिंग सड़क जो काढागोला घाट से दार्जलिंग तक एकमात्र मुख्य सड़क हुआ करती थी. गंगा पुल बनाने से क्षेत्र का विकास के साथ कटाव एवं विस्थापितों की दर्द झेल रहे लोग अपनी पुस्तैनी जमीन पकड़ परिवार खुशहाल होगा. व्यवसाय को पंख लग जायेंगे. बीस हजार की आबादी वाले बकिया सुखाय पंचायत गंगा पार हैं. जो प्रखंड मुख्यालय तक काम करा ने आना जाना काफी मुश्किल भरा हैं. अधिकारी भी नहीं जाते है. जनप्रतिनिधि तो पिकनिक मनाने के ख्याल से ही जाते है. लोगों की समस्या तो समस्या हीं हैं. 2025 में विधानसभा चुनाव है. लोग उम्मीद कर रहे हैं कि पुल निर्माण के लिए घोषणा होगी.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




