गंगा, कोसी नदी की रेत पर लहलहा रही फलों की खेती

गंगा, कोसी नदी की रेत पर लहलहा रही फलों की खेती
कुरसेला कोसी, गंगा नदी की रेत पर मौसमी फल, सब्जियों को लगाने का कार्य अंतिम चरण में है. कृषक खेती के बेहतर पैदावार के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं. गंगा, कोसी के बालू की रेत पर सैकड़ों हैक्टेयर में किसान मौसमी फल तारबूज, फुट, ककड़ी, खीरा सहित लोकी आदि फसलों की खेती कर हैं. खेती जनवरी से शुरू हो जाता है. पिछात खेती के तौर पर किसान फरवरी में फलों का बीजारोपण का कार्य करते हैं. किसानों का कहना है कि खेती पर प्रति एकड़ तीस से चालीस हजार का खर्च आता है. लागत खर्च के साथ किसानों को फसलों की बुआई के समय से लेकर फल पकने तक रात दिन की कड़ी मेहनत करनी पड़ती है. किसानों को रेत में लगी फसलों की देखभाल सुरक्षा के लिए डेरा डाल कर रहते हैं. खेती करने वाले किसानों का कहना था कि खेती में जैविक कम्पोस्ट डालने के साथ रसायनिक खाद और कीटनाशी दवाओं का छिड़काव किया जाता है. बालू की रेत पर मौसमी खेती करने वाले औसत किसानों की खुद की जमीन नहीं होती है. खेती पर किसानों को लगभग एक लाख का लाभ मिलता है. लागत पूंजी और कड़ी मेहनत के बल पर किसान खेती का लाभ प्राप्त कर पाते हैं. फलों के तैयार होने का समय तीन माह का होता है. मार्च महीने से फल बाजार में आने के लिए तैयार हो जाता है. तपते गर्मी के बीच तारबुज, ककड़ी, फुट, खीरा आदि की मांग बढ़ जाती है. कुरसेला इन फलों के बिक्री के लिये बड़ा बाजार बन जाता है. खेती का लाभ से किसान हो रहे खुशहाल मौसमी फलों की खेती कर छोटे मध्यमवर्गीय किसान लाभान्वित हो रहे हैं. नदियों के कोख में किसान मौसमी फलों की खेती कर जीवन में खुशहाली लाने के प्रयास करते आ रहे हैं. प्राकृतिक आपदा के साथ किसानों को दियारा के अपराधियों के रंगदारी की मांग से जुझना पड़ता है. वर्षों के अपेक्षा किसानों के समक्ष कई तरह की परेशानी बढ़ी है. इस वर्ष नदियों के रेत पर बड़े पैमाने पर किसानों ने मौसमी फलों की खेती कर रखी है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




