कटाव रोधक कार्य होने के बाद भी नहीं रूका कटाव

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 19 Jun 2024 11:50 PM

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अधिकारियों के प्रति ग्रामिणों में आक्रोश

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बलिया बेलौन. महानंदा नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही ग्राम पंचायत शिकारपुर के निकट महानंदा नदी का कटाव तेज होने से दर्जनों परिवारों के विस्थापित होने का खतरा मंडरा रहा है. ज्ञात हो की यहां मई 2024 में नदी किनारे एक करोड़ 40 लाख की लागत से 150 मीटर तक कटाव रोधक कार्य किया गया है. ग्रामीणों ने बताया की जिस स्थान पर कटाव रोधक कार्य हुआ है. वहां भी महानंदा नदी से कटाव हो रहा है. प्राप्त जानकारी के अनुसार महानंदा नदी के कटाव में इंजीनियर इमरान, एजाज, मसूद, मरगूब रेजा, मनसूर, शहाबुद्दीन, तनवीर, हसीब, शमीम, मशकूर, डोमरा राय, अरूण राय, तरूण राय, रूपेश राय, तनज़ील अहमद आदि का घर नदी कटाव के जद में आने से डरे हुए है. कटाव रोधक कार्य होने के बाद भी नदी कटाव होने से ग्रामीणों ने विभाग एवं संवेदक पर खानापूर्ति करने का आरोप लगाया है. क्षेत्र संख्या 18 के जिला परिषद मुनतसीर अहमद ने कहा की विगत कई वर्षों से यहां भीषण कटाव होने के कारण एक विद्यालय सहित दर्जनों परिवार का घर नदी की धारा में शमा गया है. क्षेत्र के लोगों के द्वारा बार-बार कटाव रोधक कार्य कराने की मांग किये जाने पर विभाग द्वारा केवल 150 मीटर तक कटाव रोधक कार्य कराया गया है. जबकि यहां कम से कम 750 मीटर तक कटाव रोधक कार्य होने से नदी कटाव पर नियंत्रण पाया जा सकता था. उन्होंने बताया की इस वर्ष संवेदक के द्वारा केवल खानापूर्ति कर कटाव रोधक कार्य किया गया है. इसमें घोर अनियमितता बरती गयी है. यही कारण है की महानंदा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटाव शुरू हो गया है. बाढ़ नियंत्रण विभाग को इस शीघ्र संज्ञान लेना होगा. जेई अरूण कुमार ने बताया की कटाव होने की सूचना मिलने पर स्थल का जायजा लेकर विभाग को सूचना दी गयी है. नदी किनारे स्लोप पेकिंग का काम होना था. इस बीच नदी का जलस्तर बढ़ जाने से काम नहीं हो सका. जलस्तर में कमी आने पर स्लोप पेकिंग किया जायेगा. कटाव पर नियंत्रण पाया जायेगा.

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