कटिहार में बिजली संकट से हाहाकार: इंडस्ट्रियल एरिया फीडर रातभर ठप, दर्जनों मुहल्लों में अंधेरा, पानी के लिए तरसे लोग
Published by : Divyanshu Prashant Updated At : 22 May 2026 9:02 AM
विद्युत विभाग के सहायक अभियंता आशुतोष कुमार
कटिहार शहर के एक बड़े हिस्से में बीती पूरी रात बिजली गुल रहने से हजारों उपभोक्ताओं को भीषण उमस और गर्मी के बीच रतजगा करना पड़ा. शहर के इंडस्ट्रियल एरिया विद्युत फीडर में आई तकनीकी खराबी के कारण आधी से अधिक आबादी पूरी रात अंधेरे में डूबी रही, जिससे सुबह होते ही पानी के लिए त्राहि-त्राहि मच गई.
शहर के इन प्रमुख मुहल्लों में पसरा रहा अंधेरा, उमस ने छीनी नींद
शुक्रवार को इंडस्ट्रियल एरिया विद्युत फीडर अचानक पूरी तरह बैठ गया. इस ब्रेकडाउन का सीधा असर शहर की एक बड़ी आबादी पर पड़ा. शहर के सबसे व्यस्त और घने रिहायशी इलाकों में शुमार न्यू मार्केट, अमला टोला, गामी टोला, अनाथालय रोड, लीची बगान, ड्राइवर टोला, छीटाबाड़ी और दुर्गा स्थान सहित दर्जनों मुहल्लों में पूरी रात बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रही. विगत एक सप्ताह से जारी उमस भरी गर्मी के बीच अचानक घंटों बिजली गायब रहने से बूढ़े, बच्चे और बीमार लोग तड़पने को मजबूर हो गए और किसी की नींद पूरी नहीं हो सकी.
पानी के लिए मचा हाहाकार, ठप हो गई लोगों की दिनचर्या
रात भर की बिजली कटौती का खामियाजा उपभोक्ताओं को सुबह के समय सबसे ज्यादा भुगतना पड़ा. बिजली न रहने के कारण जलापूर्ति (वाटर सप्लाई) पूरी तरह बाधित हो गई:
- खाली हो गईं टंकियां: इन शहरी क्षेत्रों के अधिकांश घरों में लोग मोटर चलाकर छतों पर बनी टंकियों में पानी स्टोर करते हैं. पूरी रात बिजली न रहने से पानी का बैकअप पूरी तरह खत्म हो गया.
- दैनिक कार्य प्रभावित: सुबह उठने पर घरों में एक बूंद पानी न होने के कारण कामकाजी लोगों, स्कूली बच्चों और गृहिणियों की दिनचर्या पूरी तरह ठप हो गई. लोगों को मजबूरन कुओं या चापाकालों की तलाश करनी पड़ी.
विद्युत विभाग की उदासीनता के खिलाफ फूटा उपभोक्ताओं का गुस्सा
बिजली संकट और विभागीय सुस्ती को लेकर स्थानीय नागरिकों में बिजली बोर्ड के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है. आक्रोशित उपभोक्ताओं का आरोप है कि इंडस्ट्रियल एरिया फीडर से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी लगातार घोर लापरवाही बरत रहे हैं. स्थानीय निवासियों ने रोष जताते हुए कहा कि इस क्षेत्र में आए दिन कभी 11 केवी का तार टूटने, कभी ट्रांसफार्मर में फॉल्ट आने तो कभी मेंटेनेंस और तकनीकी खराबी का बहाना बनाकर घंटों बिजली काट दी जाती है. बार-बार फीडर फेल होने की इस गंभीर समस्या का विभाग कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को रोज-रोज प्रताड़ित होना पड़ रहा है.
सहायक अभियंता का गैर-जिम्मेदाराना बयान: ‘मुझे जानकारी ही नहीं है’
एक तरफ जहां हजारों उपभोक्ता पूरी रात से बिजली और पानी के लिए परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार अधिकारियों का रवैया बेहद उदासीन है. इस भीषण बिजली संकट के संदर्भ में जब विद्युत विभाग के सहायक अभियंता आशुतोष कुमार से बात की गई, तो उन्होंने एक बेहद चौंकाने वाला और गैर-जिम्मेदाराना बयान दिया. उन्होंने कहा कि इंडस्ट्रियल एरिया फीडर में उनकी तरफ से कोई समस्या नहीं है. किस तकनीकी खराबी या वजह से उपभोक्ताओं के घरों तक बिजली नहीं पहुंच पा रही है, इसके बारे में फिलहाल उन्हें कोई जानकारी नहीं है. हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही मामले की जानकारी लेकर लाइनमैनों को भेजेंगे और बिजली आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त कराएंगे.
कटिहार से राज किशोर चौरसिया की रिपोर्ट:
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