मुंगेर में भीषण गर्मी के बीच डीएम का बड़ा आदेश, स्कूलों का समय बदला

Published by : Pratyush Prashant Updated At : 22 May 2026 9:53 AM

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मुंगेर में 10:30 बजे के बाद छोटे बच्चों की स्कूल में पढ़ाई बंद

Munger School Timing Changed: मुंगेर में 10:30 बजे के बाद छोटे बच्चों की स्कूल में पढ़ाई बंद, प्रशासन ने जारी किया नया निर्देश

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Munger School Timing Changed: मुंगेर से वीरेंद्र कुमार सिंह की रिपोर्ट: मुंगेर जिले में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और लू जैसे हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों के समय में बड़ा बदलाव किया है. छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला दंडाधिकारी निखिल धनराज निपुणिकर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के तहत नया आदेश जारी किया है. आदेश के बाद जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में पढ़ाई के समय को सीमित कर दिया गया है.

जिला प्रशासन के इस फैसले के बाद अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन को राहत मिली है, क्योंकि पिछले कई दिनों से तेज धूप और उमस के कारण बच्चों की तबीयत बिगड़ने की घटनाएं सामने आ रही थीं.

छोटे बच्चों के लिए विशेष निर्देश जारी

जारी आदेश के अनुसार प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और वर्ग पांच तक की सभी शैक्षणिक गतिविधियों को पूर्वाह्न 10:30 बजे के बाद बंद कर दिया जाएगा. वहीं वर्ग आठ तक की कक्षाओं के लिए 11:30 बजे के बाद पढ़ाई पर रोक रहेगी.

विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि वे बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपने समय सारिणी में तत्काल बदलाव करें. प्रशासन ने साफ कहा है कि आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए.

लू और गर्मी से बच्चों की सेहत पर खतरा

डीएम निखिल धनराज निपुणिकर ने कहा कि दोपहर के समय अत्यधिक गर्मी और लू जैसी स्थिति बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है. ऐसे मौसम में लंबे समय तक स्कूल में रहने से डिहाइड्रेशन, चक्कर और बेहोशी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं.

प्रशासन का मानना है कि एहतियात के तौर पर समय में बदलाव करना जरूरी था ताकि बच्चों को गर्मी से बचाया जा सके. हाल के दिनों में जिले का तापमान लगातार बढ़ रहा है और दोपहर के समय सड़कों पर भी लोगों की आवाजाही कम हो रही है.

अगले आदेश तक लागू रहेगा नियम

जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश 22 मई 2026 से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा. आदेश के अनुपालन की जिम्मेदारी जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आईसीडीएस को सौंपी गयी है.

अभिभावकों ने प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया है. लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए यह जरूरी कदम था, क्योंकि सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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