जब डीएम बने बच्चों के दोस्त : पूछे अल्फाबेट और गिनती, दत्तक ग्रहण संस्थान पूर्णिया का किया निरीक्षण

Edited by Shruti Kumari
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दत्तक ग्रहण संस्थान के बच्चों से बातचीत करते और उनका उत्साह बढ़ाते जिलाधिकारी.

DM Child Care Home Inspection: कटिहार के जिलाधिकारी ने विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान का निरीक्षण कर बच्चों से बातचीत की, उनसे गिनती और अल्फाबेट पूछे तथा स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और दत्तक ग्रहण की प्रक्रियाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए.

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कटिहार से सूरज गुप्ता की रिपोर्ट:

DM Child Care Home Inspection: कटिहार के जिला पदाधिकारी ने गुरुवार को स्थानीय विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान का सघन निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने संस्थान में रह रहे बच्चों के साथ समय बिताया, उनसे गिनती और अंग्रेजी के अल्फाबेट पूछे तथा उनका उत्साह बढ़ाया. बच्चों ने भी डीएम के साथ खुलकर बातचीत की और अपनी मासूम शरारतों से माहौल को खुशनुमा बना दिया.

यह निरीक्षण किशोर न्याय (बालकों की देख-रेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 तथा बिहार किशोर न्याय नियमावली, 2017 के तहत जिला निरीक्षण समिति द्वारा किया गया. इसका उद्देश्य संस्थान में बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, सुरक्षा, स्वास्थ्य और दत्तक ग्रहण से जुड़ी प्रक्रियाओं की समीक्षा करना था.

बच्चों की सुविधाओं का लिया जायजा

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि वर्तमान में संस्थान में छह बच्चे आवासित हैं. जिला पदाधिकारी ने बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, खेल-कूद तथा उनके शारीरिक और मानसिक विकास से जुड़ी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की.

उन्होंने शयनकक्ष, रसोईघर, शौचालय और पूरे परिसर की साफ-सफाई का निरीक्षण करते हुए स्वच्छता के उच्च मानकों को हर हाल में बनाए रखने का निर्देश दिया.

अभिलेखों की भी हुई जांच

जिलाधिकारी ने संस्थान में संधारित चिकित्सा पंजी, उपस्थिति पंजी और केंद्रीय प्रवेश रजिस्टर सहित विभिन्न महत्वपूर्ण अभिलेखों की भी गहन जांच की. उन्होंने दत्तक ग्रहण से संबंधित सभी विधिक प्रक्रियाओं को नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों को जल्द सुरक्षित पारिवारिक वातावरण मिल सके.

बच्चों से की आत्मीय बातचीत

निरीक्षण के दौरान डीएम ने बच्चों के साथ काफी समय बिताया. उन्होंने बच्चों से गिनती सुनने के साथ अंग्रेजी के अल्फाबेट भी लिखवाए. बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक जवाब दिए और उनके साथ घुल-मिल गए. जिलाधिकारी ने बच्चों के मनोरंजन और खेल-कूद की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया तथा उन पर संतोष व्यक्त किया.

स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा पर विशेष जोर

डीएम ने निर्देश दिया कि सभी बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की जाए और उनके मेडिकल कार्ड हमेशा अद्यतन रखे जाएं. गर्मी के मौसम को देखते हुए कमरों में पर्याप्त वेंटिलेशन, शुद्ध पेयजल तथा 24 घंटे बिजली एवं पावर बैकअप की व्यवस्था बनाए रखने को कहा.

उन्होंने बच्चों की नियमित शिक्षा सुनिश्चित करने तथा आवश्यकतानुसार उन्हें नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र से जोड़ने के भी निर्देश दिए.

नियमों में लापरवाही पर होगी कार्रवाई

जिलाधिकारी ने कहा कि बिहार किशोर न्याय नियमावली, 2017 के तहत निर्धारित सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए. संस्थान के सीसीटीवी कैमरे हमेशा चालू रहें और सुरक्षा गार्ड अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद रहें.

उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों की देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

निरीक्षण के दौरान जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक रविशंकर तिवारी सहित जिला निरीक्षण समिति के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे.

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