दिल्ली में बड़ी आतंकी हमले की थी साजिश, चार लाख रुपये की मिलने वाली थी फंडिंग

आरोपित मो. अहद का फाइल फोटो.
कोढ़ा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार मो. अहद से पूछताछ में दिल्ली में बड़े आतंकी हमले की साजिश का खुलासा हुआ है. उसे पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क से चार लाख रुपये की फंडिंग मिलने वाली थी. सुरक्षा एजेंसियों ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है.
कटिहार : कोढ़ा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क से कथित रूप से जुड़े मो. अहद से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आने की बात जांच सूत्रों के हवाले से कही जा रही है. सूत्रों के अनुसार, आरोपी को आतंकी संगठन की ओर से करीब चार लाख रुपये की फंडिंग मिलने वाली थी. साथ ही दिल्ली में किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने की साजिश रची जा रही थी. हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच एजेंसियों की ओर से अभी नहीं की गई है.
सूत्रों के मुताबिक, मो. अहद की गिरफ्तारी के बाद केंद्रीय और राज्य की विभिन्न जांच एजेंसियों ने उससे गहन पूछताछ की. पूछताछ में कथित तौर पर यह जानकारी सामने आई कि उसे आतंकी गतिविधियों के लिए हथियार उपलब्ध कराने और नेटवर्क का विस्तार करने की जिम्मेदारी सौंपी जानी थी. समय रहते कोढ़ा पुलिस की कार्रवाई से कथित साजिश आगे नहीं बढ़ सकी.
कोढ़ा पुलिस की कार्रवाई से खुलने लगीं परतें
जानकारी के अनुसार, मो. अहद को कोढ़ा थाना क्षेत्र के पुराने सरकारी अस्पताल के समीप से पूछताछ के लिए थाना लाया गया था. शुरुआती पूछताछ के दौरान मामला सामान्य प्रतीत हुआ, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर सुरक्षा एजेंसियों को कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की बात सामने आई. इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए अन्य एजेंसियां भी जांच में शामिल हो गईं.
मुंगेर के युवक से भी जुड़ाव की चर्चा
जांच सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में मुंगेर जिले के तारापुर निवासी मो. सद्दाम से भी आरोपी के संपर्क की जानकारी मिली है. बताया जा रहा है कि दोनों कथित रूप से एक ही नेटवर्क से जुड़े थे. फिलहाल इस संबंध में भी जांच जारी है.
कट्टरपंथी व्हाट्सएप चैनल का लिंक किया था साझा
सूत्रों का दावा है कि मो. अहद ने पाकिस्तान से संचालित एक कट्टरपंथी व्हाट्सएप चैनल का लिंक कटिहार और पूर्णिया के दो युवकों के साथ साझा किया था. जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं इसके माध्यम से अन्य युवाओं को नेटवर्क से जोड़ने का प्रयास तो नहीं किया जा रहा था.
किराये के मकान में रहकर जी रहा था सामान्य जीवन
स्थानीय लोगों के अनुसार, मो. अहद कोढ़ा के सरकारी अस्पताल के पास किराये के मकान में रहता था. वह अक्सर आसपास की दुकानों पर सामान्य लोगों की तरह आता-जाता था. उसके व्यवहार से किसी को भी उस पर संदेह नहीं हुआ. लोगों का कहना है कि वह पढ़ाई के साथ पार्ट टाइम काम भी करता था.
परिवार और गांव के लोग स्तब्ध
मो. अहद मुसापुर पंचायत के मुसापुर गांव का रहने वाला है. उसके पिता मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं. घटना के बाद परिवार और गांव के लोग स्तब्ध हैं. ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें कभी अंदाजा नहीं था कि उनके बीच रहने वाला युवक इस तरह के गंभीर मामले में जांच के दायरे में आ सकता है.
फिलहाल पूरे मामले की जांच विभिन्न एजेंसियां कर रही हैं. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम और आरोपी की भूमिका को लेकर आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी.
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By Prabhat Khabar News Desk
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