कोढ़ा प्रखंड क्षेत्र में लगातार बढ़ते ठंड व मौसम के अचानक बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. खासकर आलू की खेती पर इसका गहरा असर देखने को मिल रहा है. स्थानीय किसानों ने बताया कि इस बार कड़ाके की ठंड के कारण आलू के खेतों में भारी नुकसान हुआ है. कई जगहों पर फसल झुलसने लगी है. जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है. किसानों ने कहा, एक ओर मौसम की मार झेलनी पड़ रही है, तो दूसरी ओर बाजार में आलू का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है. लागत बढ़ने के बावजूद बाजार भाव कम रहने से किसान दोहरी मार झेल रहे हैं. खेतों में मेहनत के बाद भी उन्हें अपनी उपज का सही दाम नहीं मिल पा रहा है. आर्थिक संकट गहराता जा रहा है. इस बार असमय और भारी बारिश ने पहले ही किसानों की परेशानी बढ़ा दी है. बारिश के कारण कई इलाकों में आलू की फसल सड़ने लगी है. कुछ खेतों में जलजमाव की स्थिति बन गई है. किसानों ने कहा, प्राकृतिक आपदा से इस बार खेती करना घाटे का सौदा साबित हो रहा है. किसानों ने प्रशासन और कृषि विभाग से मांग की है कि फसल क्षति का आकलन कर मुआवजा दिया जाय. बाजार में आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित किया जाय.
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