स्टेशन पर छापेमारी करने गई उत्पाद पुलिस व रेल पुलिस में मारपीट, सिपाही घायल

Updated at : 20 Mar 2026 7:27 PM (IST)
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स्टेशन पर छापेमारी करने गई उत्पाद पुलिस व रेल पुलिस में मारपीट, सिपाही घायल

स्टेशन पर छापेमारी करने गई उत्पाद पुलिस व रेल पुलिस में मारपीट, सिपाही घायल

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– गुप्त सूचना पर छापेमारी करने पहुंची थी उत्पाद टीम – रेल थाना पुलिस जीआरपी ने छापेमारी करने से रोका तो बढ़ा विवाद दोनों पक्षों में हुआ विवाद, मारपीट में हुई तब्दील फोटो. 23 मारपीट करते उत्पाद पुलिस एवं रेल पुलिस, 24 इलाज कराते उत्पाद पुलिस प्रतिनिधि, कटिहार. रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार की सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शराब बरामदगी को लेकर पहुंचे उत्पाद विभाग की टीम और रेलवे की जीआरपी के बीच विवाद बढ़ते-बढ़ते हाथापाई तक पहुंच गया. इस घटना में उत्पाद विभाग के एक सिपाही घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि हाटे-बाजारे एक्सप्रेस के माध्यम से पश्चिम बंगाल से भारी मात्रा में शराब कटिहार लाई जा रही है. सूचना के आधार पर उत्पाद विभाग की टीम त्वरित कार्रवाई करते हुए कटिहार रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या छह पर पहुंची. इसी दौरान वहां मौजूद जीआरपी के जवानों ने उत्पाद विभाग की टीम को कार्रवाई करने से रोक दिया. बताया जाता है कि पहले दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो धीरे-धीरे बढ़कर विवाद में बदल गई और देखते ही देखते स्थिति हाथापाई तक पहुंच गई. इस झड़प में उत्पाद विभाग के सिपाही देव शंकर झा घायल हो गए, उन्हें तुरंत सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया. घटना के बाद रेलवे स्टेशन परिसर में कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया. घटना की सूचना मिलते ही दोनों विभागों में हड़कंप मच गया. उत्पाद विभाग की टीम में शामिल अवर निरीक्षक रवि किशन ने बताया कि उन्हें पुख्ता सूचना मिली थी कि ट्रेन के जरिए बड़ी मात्रा में शराब लाई जा रही है, इसी आधार पर टीम कार्रवाई करने पहुंची थी. लेकिन जीआरपी ने सहयोग करने के बजाय उन्हें रोक दिया, उन्होंने आरोप लगाया कि जीआरपी का रवैया असहयोगपूर्ण था और वे उल्टे टीम से उलझ गए. अवर निरीक्षक ने यह भी बताया कि एक दिन पहले, गुरुवार को भी रेलवे स्टेशन से 61 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई थी. इसके बावजूद मध्य निषेध अभियान के तहत जीआरपी का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है, जिससे कार्रवाई प्रभावित हो रही है. सूचना के आधार पर ही टीम को स्टेशन गई थी, उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि उत्पाद विभाग के अधिकारी सिविल ड्रेस में थे, जिसके कारण जीआरपी के जवानों को भ्रम हो गया और इसी वजह से यह झड़प हुई. सुभाष सिंह, उत्पाद अधीक्षक रेलवे के माध्यम से शराब तस्करी की कोई पूर्व सूचना उन्हें प्राप्त नहीं हुई थी. उन्होंने बताया कि उत्पाद विभाग की टीम सिविल ड्रेस में थी, जिससे पहचान को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई. इसी कारण दोनों पक्षों के बीच टकराव की स्थिति बनी. उन्होंनें स्पष्ट किया कि यदि समय रहते सूचना साझा की जाती, तो दोनों विभाग मिलकर कार्रवाई करते और ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती. यह पूरी घटना महज एक गलतफहमी का परिणाम है, और भविष्य में बेहतर समन्वय के जरिए इस तरह की घटनाओं से बचा जाएगा. फिलहाल मामले को लेकर दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं. घटना ने विभागीय समन्वय और संचार की कमी को उजागर कर दिया है, जिसे सुधारना आवश्यक बताया जा रहा है. ए के अकेला रेल डीएसपी कटिहार.

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