मैया के दूसरे रूप की पूजा श्रद्धालुओं ने भव्यता से की

मैया के दूसरे रूप की पूजा श्रद्धालुओं ने भव्यता से की
कटिहार बड़े ही उत्साह के साथ चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन शुक्रवार को मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना की गई. बड़ी दुर्गा मंदिर में सुबह और संध्या महा आरती का आयोजन किया गया. जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर मां की आरती में भाग लिए. बड़ी दुर्गा मंदिर के पुजारी अजय मिश्र ने बताया कि नवदुर्गाओं में दूसरी दुर्गा का नाम ब्रह्मचारिणी है. इनकी पूजा नवरात्र के दूसरे दिन की जाती है. ब्रह्मचारिणी इस लोक के समस्त चर और अचर जगत की विद्याओं की ज्ञाता हैं. इनका स्वरूप श्वेत वस्त्र में लिप्टी हुई कन्या के रूप में है. जिनके एक हाथ में अष्टदल की माला और दूसरे हाथ में कमंडल है, यह अक्षयमाला और कमंडल धारिणी ब्रह्मचारिणी नामक दुर्गा शास्त्रों के ज्ञान और निगमागम तंत्र-मंत्र आदि से संयुक्त है. अपने भक्तों को यह अपनी सर्वज्ञ संपन्न विद्या देकर विजयी बनाती है. ब्रह्मचारिणी का स्वरूप बहुत ही सादा और भव्य है. अन्य देवियों की तुलना में वह अतिसौम्य, क्रोध रहित और तुरंत वरदान देने वाली देवी है. भगवान महादेव को पति के रूप में पाने के लिए हजारों वर्षों तक अपनी कठिन तपस्या के कारण ही उनका नाम ब्रह्मचारिणी पड़ा.
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