वर्षा जल संचयन व स्थानीय जलस्रोतों के संरक्षण का आह्वान

Updated at : 19 Mar 2026 7:19 PM (IST)
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वर्षा जल संचयन व स्थानीय जलस्रोतों के संरक्षण का आह्वान

वर्षा जल संचयन व स्थानीय जलस्रोतों के संरक्षण का आह्वान

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समाहरणालय परिसर में गंगा स्वच्छता पखवाड़ा व जल महोत्सव का शुभारंभ कटिहार राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के अंतर्गत गंगा एवं सहायक नदियों की स्वच्छता संरक्षण तथा जल संसाधनों के सतत प्रबंधन के उद्देश्य से जिला गंगा समिति के तत्वावधान में गुरुवार को समाहरणालय परिसर में गंगा स्वच्छता पखवाड़ा एवं जल महोत्सव 2026 का शुभारंभ किया. जल अर्पण तथा गंगा स्वच्छता एवं जल संरक्षण से संबंधित पोस्टर का विमोचन कर डीडीसी अमित कुमार, अपर समाहर्ता कुमार धनंजय, निदेशक डीआरडीए, जिला गंगा समिति सुदामा प्रसाद सिंह, डीपीओ ब्रजमोहन प्रसाद यादव ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का उदघाटन किया. डीडीसी ने कहा कि गंगा एवं अन्य जलस्रोतों की स्वच्छता के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है. उन्होंने कहा कि गंगा भारत की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है और इसकी निर्मलता एवं अविरलता को बनाये रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. वर्तमान समय में जल संरक्षण वैश्विक चुनौती बन चुका है. बढ़ती जनसंख्या शहरीकरण तथा जल संसाधनों के अत्यधिक दोहन से कई क्षेत्रों में जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है. ऐसे में जल का विवेकपूर्ण उपयोग, वर्षा जल संचयन तथा स्थानीय जलस्रोतों के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. जिला गंगा समिति की टीम, एनसीसी एवं एनएसएस के कैडेट्स तथा आईटीआई विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि युवा वर्ग समाज में साकारात्मक परिवर्तन लाने की सबसे बड़ी शक्ति है. जल संरक्षण पर दिया जोर अपर समाहर्ता कुमार धनंजय ने कहा कि यदि युवा जल संरक्षण और स्वच्छता के संदेश को अपने परिवार एवं समाज तक पहुंचाएंगे तो यह अभियान और अधिक प्रभावी होगा. उन्होंने सभी नागरिकों से भी नदियों, तालाबों एवं अन्य जल स्रोतों में कचरा या प्लास्टिक न डालने तथा अपने आसपास के जल स्रोतों की स्वच्छता बनाये रखने में सहयोग की अपील की. निदेशक डीआरडीए सह नोडल पदाधिकारी, जिला गंगा समिति ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते शहरीकरण, औद्योगिक गतिविधियों तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट के कारण गंगा सहित उन नदियों का प्रदूषण का दबाव बढ़ता जा रहा है. इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए नमामि कार्यक्रम के अंतर्गत जन भागीदारी के माध्यम से नदी स्वच्छता एवं संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गंगा स्वच्छता पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है. सामूहिक प्रयासों और जनसहभागिता के माध्यम से ही गंगा एवं अन्य जलस्त्रोतों को स्वच्छ एवं संरक्षित रखा जा सकता है. जागरूकता को लेकर होगी कई गतिविधियां जिला गंगा समिति के जिला परियोजना पदाधिकारी ब्रजमोहन प्रसाद यादव ने गंगा स्वच्छता पखवाड़ा की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसके माध्यम से नदियों, तालाबों एवं अन्य जल स्रोतों की स्वच्छता के प्रयासों में आम जनमानस की भागीदारी को बढ़ावा दिया जायेगा तथा समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित की जायेगी. उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न जल स्रोतों एवं घाटों पर स्वच्छता के लिए श्रमदान, गंगा स्वच्छता एवं जल संरक्षण शपथ नुक्कड़ नाटक, पौधारोपण, जनजागरूकता कार्यक्रम तथा महाविद्यालयों में विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जायेगी. अधिकारियों ने गंगा स्वच्छता एवं जल संरक्षण जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. कार्यक्रम का संचालन ब्रजमोहन प्रसाद यादव ने किया.

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