मन्नान टोला वासियों का आवागमन के लिए नाव ही एक मात्र सहारा
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 24 Jul 2024 11:21 PM
सदर प्रखंड से मात्र पांच किलोमीटर दूरी पर है यह गांव
एडी खुशबू, कोढ़ा. कोढ़ा प्रखंड के उत्तरी सिमरिया पंचायत के वार्ड संख्या दस का मन्नान टोला गांव जो कोसी नदी के किनारे पर बसा हुआ है. जो एनएच 81 मुख्य सड़क से मात्र 100 मीटर की दूरी पर अवस्थित है. यह गांव कोलासी पुल के निकट बसा हुआ है. बाढ़ के समय में यहां के लोग नाव के सहारे ही एनएच-81 मुख्य सड़क से अपने गांव मन्नान टोला आने जाने के लिए विवश है. इस गांव के छोटे छोटे बच्चों को भी विद्यालय जाने के लिए नाव से पार होना पड़ता है. ग्रामीणों ने बताया कि कई बार रात की अंधेरे में गर्भवती महिलाओं को प्रसव कराने या अचानक तबीयत बिगड़ जाने के उपरांत अस्पताल ले जाना पड़ता है. इस दौरान नाव का ही एक मात्र सहारा लेना पड़ता है. रात के अंधेरे में अस्पताल डर डर के ले जाना पड़ता है. कहीं रोगी की नाव से पार कराने में मौत न हो जाय. यहां के ग्रामीण मन्नान, लतीफ, राकिब, बासेद, जैनुल, नौशाद आदि बताते है कि यहां पर सैकड़ों घर तकरीबन 20 वर्षो से गुजर बसर कर रहे है. विभिन्न प्रकार के तकलीफों का सामना करने को मजबूर है. चुनाव के समय बहुत सारे प्रतिनिधि यहां वोट लेने के लिए आते है और चुनाव जीतने के बाद काम कराने का भरोसा देकर चले जाते है. पर चुनाव जीतते ही अपने सारे वादे भूल जाते है. फिर साल दर साल ग्रामीणों को बाढ़ के समय में कटाव, आवगमन, सड़क आदि प्रकार के परेशानियों का सामना करने को मजबूर हो जाते है. ग्रामीण का जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से मांग है कि जल्द से जल्द मुख्य सड़क से मन्नान टोला गांव तक सड़क सह पुल का निर्माण कराकर 20 वर्षो हो रही कष्ट को दूर किया जाये.
कहते हैं ग्रामीण
ग्रामीण मन्नान बताते है कि कितनी बार सांसद, विधायक, डीएम के पास आवेदन लेकर गये. पर आश्वासन देकर हमलोगों को इसी हालत में छोड़ दिया जाता है. बाढ़ के दिनों में सांप, बिच्छू, कीड़ों मकोड़ों से काफी डर लगता है. खास कर बच्चों को काफी हिफाजत से रखना पड़ता है. ग्रामीण रजब बताते है कि वार्ड संख्या दस में लगभग एक हज़ार की संख्या में वोटर है. नाव से आना जाना महंगा पड़ता है. मात्र 100 मीटर जाने के लिए नाव का किराया अधिक देना पड़ता है. बच्चों को प्रत्येक दिन स्कूल भेजने और लाने में में काफी परेशानी होती है. गांव के छोटे बच्चों के लिए तो आंगनबाड़ी भी नहीं है. जिसमे हम उनको पढ़ने भेज सके. इस तरह तो हमारे बच्चों का भविष्य अंधकार में ही बीत रहा है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










