तीन वर्ष बाद हिंदू धर्म में पुनः आस्था, सांस्कृतिक पहचान से जुड़ने का लिया निर्णय

Updated at : 04 Jan 2026 6:13 PM (IST)
विज्ञापन
तीन वर्ष बाद हिंदू धर्म में पुनः आस्था, सांस्कृतिक पहचान से जुड़ने का लिया निर्णय

तीन वर्ष बाद हिंदू धर्म में पुनः आस्था, सांस्कृतिक पहचान से जुड़ने का लिया निर्णय

विज्ञापन

कोढ़ा मखदुमपुर पंचायत की वार्ड एक कृष्णा नगर में आदिवासी समाज के कुछ परिवारों ने सामूहिक रूप से पुनः हिंदू धर्म में वापसी की. चार जनवरी को एक कार्यक्रम आयोजित कर पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों और सामाजिक परंपराओं के अनुसार विधिवत धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया. शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ. समाज के वरिष्ठजन, स्थानीय ग्रामीण एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे. बता दें कि इन परिवारों ने लगभग तीन वर्ष पूर्व ईसाई धर्म अपनाया था. अब सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव की भावना को प्राथमिकता देते हुए अपने मूल सनातन धर्म में लौट आये. घर वापसी करने वाले परिवार में मखदुमपुर पंचायत के कृष्णा नगर वार्ड एक निवासी मोसोमात मंझली देवी 68 वर्ष, उनके पुत्र भैया राम किस्कू 35 वर्ष, बहू रेनू देवी 30 वर्ष, पुत्री जूही कुमारी 6 वर्ष एवं पुत्री महिमा कुमारी 2 वर्ष शामिल हैं. परिवार के सदस्यों ने बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से ईसाई धर्म में आस्था रख रहे थे लेकिन अब पुनः अपने सनातन धर्म में वापसी कर हिंदू रीति–रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की है. आदिवासी समाज के सदस्यों का कहना है कि पूर्व में उन्हें विभिन्न प्रकार के प्रलोभनों एवं सुविधाओं का आश्वासन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया गया था. समय बीतने के साथ उन्हें सामाजिक दूरी और सांस्कृतिक अलगाव का अनुभव हुआ. ग्राम प्रधान चंद किशोर मुरमुर, महेंद्र सोरेन, जितन टुड्डू, राम प्रसाद मुरमुर, बब्लू टुड्डू, दिलीप सोरेन, अनिल हांसदा, बिपिन मुरमुर, जेठा मरंडी, हरि मरंडी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे. सभी ने शांतिपूर्ण ढंग से कार्यक्रम में सहभागिता निभायी और सामाजिक एकता का संदेश दिया. वनवासी कल्याण आश्रम के पूर्व संगठन मंत्री विनोद सोरेन, छात्रावास प्रमुख मालती मुरमुर, बिहार प्रदेश प्रांत सह मंत्री मिथिलेश सिंह भी मौजूद रहे. वक्ताओं ने आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं और मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज की जड़ों से जुड़े रहना ही उसकी असली ताकत है. उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी निर्णय में स्वेच्छा, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RAJKISHOR K

लेखक के बारे में

By RAJKISHOR K

RAJKISHOR K is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन