कैदी के परिजन से फोन पर मांगी जाती है रंगदारी

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मंडल कारा. रुपये नहीं देने पर कैदियों की होती है पिटाई विरोध करने पर खान पान सहित कैदी के अन्य सुविधा पर भी लगा दी जाती है रोक कटिहार : मंडल कारा कटिहार में कारा प्रशासन की मिली भगत से खुलेआम नये व छोटे मामले में कारा भेजे गये कैदियों के साथ मारपीट कर उससे […]

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मंडल कारा. रुपये नहीं देने पर कैदियों की होती है पिटाई

विरोध करने पर खान पान सहित कैदी के अन्य सुविधा पर भी लगा दी जाती है रोक
कटिहार : मंडल कारा कटिहार में कारा प्रशासन की मिली भगत से खुलेआम नये व छोटे मामले में कारा भेजे गये कैदियों के साथ मारपीट कर उससे रंगदारी वसूली जाती है. इतना ही नहीं कारा में प्रवेश करते ही कारा की सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मी उनसे राशि लेते हैं. इसके बाद वार्ड में भेजा जाता है, जहां वार्ड इंचार्ज उससे रंगदारी के तौर पर अच्छी खासी रकम की उगाही करते हैं. इतना ही नहीं रुपया देने में असमर्थता जताने पर कैदी को बुरी तरह से पीटा जाता है.
इसके साथ ही उनके साथ जानवरों जैसा सलूक भी करते हैं. उनके खान पान सहित अन्य सुविधा पर भी रोक लगा दी जाती है. प्राप्त जानकारी के अनुसार बिहार मद्य निषेध अधिनियम उल्लंघन के आरोप में मंडल कारा में बंद विचाराधीन कैदी मो मोसिम के छोटे भाई को एक फोन मंडल कारा में आता है. इसमें दूसरी ओर से उसका भाई मोसिम बात करता है. मोसिम फोन पर ही अपने छोटे भाई से गिड़गिड़ाता रहा.
फोन पर की गयी बातचीत: मंडल कारा से 76456074717 नंबर से मोसिम के भाई के मोबाइल नंबर 9523634493 में फोन आया. इसमें दूसरी ओर से मंडल कारा में बंद मोसिम अपने छोटे भाई के सामने गिड़गिड़ा रहा था कि भाई किसी भी तरह से इन लोगों की मांगे पूरी कर दो, अन्यथा यह लोग बुरी तरह से पीटते हैं. जेल में जीना दुश्वार कर देते हैं. वह अपने छोटे भाई से बार-बार यह कह रहा था कि उसका जमानत अभी मत कराओ, लेकिन उस कैदी की मांग को अवश्य पूरी करो. वह तीन हजार की रंगदारी की मांग कर रहा है.
मोसिम का भाई कह रहा था कि जिस दिन वह मंडल कारा गया था उसी दिन 1500 रुपया दिया. इस पर दूसरी ओर से कहा गया कि 100 रुपया गुमटी में लिया. 14 सौ रुपया उसे मिला और तीन हजार रुपये रंगदारी के तौर पर मांगा. फोन में दूसरी ओर से बात करने वाला अपने को वार्ड इंचार्ज बता रहा था तथा वह यह भी कह रहा था कि अगर 3000 रुपया मिला तो ठीक है अन्यथा इसकी खैर नहीं. इसकी चीख व दर्द की आवाज तुम फोन पर सुनते रहना. इसके बाद उसके छोटे भाई ने जेल में बंद अपने भाई को रुपया पहुंचाया. इधर जब मोसिम जेल से बाहर आया, तो उसके भाई व उसने मंडल कारा में हुई बात को मीडिया कर्मी को बतायी.
कहते हैं डीएम: डीएम मिथिलेश मिश्र ने कहा कि मंडल कारा में अगर कैदियों के साथ रंगदारी को लेकर मारपीट की जाती है, तो मामले की जांच की जायेगी. इसमें जो भी दोषी होंगे उसके विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी.
पूर्व में भी इस प्रकार के मामले को लेकर सुर्खियों रहा है मंडल कारा
कारा से मोबाइल पर बात करना आम है साथ ही व्हाट्स एप सहित फेसबुक भी मंडल कारा से अपडेट होता रहा है. इसकी खबर प्रभात खबर ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी. इसके बाद कारा में छापेमारी भी हुई थी, जिसमें मोबाईल तो नहीं मिला लेकिन सिम मिला था. इसको लेकर सहायक थाना में प्राथमिकी भी दर्ज की गयी थी. कुछ दिनों पूर्व दो गुटों में झड़प को लेकर मंडल कारा से ही फोन कर दूसरे पक्ष के कैदी जान की गुहार लगा रहे थे. बताते चलें कि मंडल कारा कटिहार अक्सर सुर्खियों में रहा है. 2016 में दो गुटो के हिंसक झड़प में एक कैदी मो शमी की मौत हो गयी थी तथा दोनों पक्ष से आधा दर्जन लोग घायल हो गये थे. यह घटना उस समय घटी थी जब उस वार्ड के सभी कैदी सो रहे थे. उस समय भी कारा प्रशासन की काफी किरकिरी हुई थी. इसमें सीधे तौर पर कारा प्रशासन पर हत्या की आरोप लगा था.
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