अप्रैल में दर्ज हुए केवल 14 मामले

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सुखद . शराबबंदी के बाद से रोड एक्सीडेंट के मामलों में आयी कमी शराबबंदी के बाद जिले में रोड एक्सीडेंट के मामले भी कम हो गये हैं. यहां भी आंकड़ा लोगों को राहत देने वाला है. सदर अस्पताल में दर्ज आंकड़े बताते हैं कि जनवरी में 24 रोड एक्सीडेंट के मामले सामने आये, जबकि फरवरी […]

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सुखद . शराबबंदी के बाद से रोड एक्सीडेंट के मामलों में आयी कमी

शराबबंदी के बाद जिले में रोड एक्सीडेंट के मामले भी कम हो गये हैं. यहां भी आंकड़ा लोगों को राहत देने वाला है. सदर अस्पताल में दर्ज आंकड़े बताते हैं कि जनवरी में 24 रोड एक्सीडेंट के मामले सामने आये, जबकि फरवरी में 23, मार्च में 33. वहीं अप्रैल में महज 14 मामले ही रोड एक्सीडेंट के दर्ज किये गये.
कटिहार : तीन-तीन नेशनल हाइवे और रेल मंडल से घिरे इस जिले में आमतौर पर रोड एक्सीडेंट होना आम बात है. पर, शराबबंदी का असर यहां भी दिख रहा है. शराबबंदी के बाद जिले में रोड एक्सीडेंट के मामले भी कम हो गये हैं. यहां भी आंकड़ा लोगों को राहत देने वाला है. सदर अस्पताल में दर्ज आंकड़े बताते हैं कि जनवरी में 24 रोड एक्सीडेंट के मामले सामने आये,
जबकि फरवरी में 23, मार्च में 33. वहीं अप्रैल में महज 14 मामले ही रोड एक्सीडेंट के दर्ज किये गये. आमतौर ऐसा देखा गया है कि शराब पीने के बाद वाहन चलाने के क्रम में लोग दुर्घटनाग्रस्त ज्यादा होते हैं. शायद शराबबंदी का ही असर है कि अब सदर अस्पताल में ऐसे मामलों में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गयी है. जो लोगों के लिए राहत देने वाला है.
प्रशासन भी ले रहा राहत की सांस
जरा याद कीजिये पांच अप्रैल के पहले का वक्त…शाम ढलते ही हरेक चौक-चौराहे पर पियक्कड़ों की फौज जाम से जाम टकराते नजर आ जाती थी, लेकिन शराबबंदी के फैसले के बाद वक्त ने करवट ले ली है. अब न तो पियक्कड़ों की फौज नजर आती है और न ही पीने वालों का बहाना ही घरों में चलता है.
मतलब साफ है सामाजिक परिवेश में बदलाव देर से ही सही, लेकिन दुरुस्त आया है. समाज में मारपीट और जघन्य आपराधिक वारदातों में जबरदस्त गिरावट आयी है. आंकड़े के अनुसार जिले के विभिन्न थानों में मार्च में 432 आपराधिक मामले दर्ज किये गये थे, लेकिन शराबबंदी के बाद मसलन अप्रैल में जिले में महज 240 आपराधिक मामले दर्ज हुए. आंकड़ा सचमुच चौंकाने वाला है. यह गिरावट अपने आप में शराबबंदी के फैसले को सही करार देने के लिए काफी है. प्रशासन भी अब चैन की सांस ले रहा है.
एक्सीडेंट मामले में भी गिरावट
आरटीए के तहत गंभीर रूप से घायल मरीजों की घटी संख्या
आपराधिक वारदातों में भी जबरदस्त गिरावट
शराबबंदी सरकार का सही कदम
सरकार का यह फैसला सही और सराहनीय है. शराबबंदी की वजह से अब रोड ट्रैफिक एक्सीडेंट और शराबियों से जुड़े मामले काफी कम आ रहे हैं
डॉ योगेंद्र प्रसाद, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल
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