गोपालगंज सदर अस्पताल समेत सरकारी अस्पतालों में खत्म हुआ एंटी रैबीज इंजेक्शन, मरीज परेशान

Edited by Vivek Pandey
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Gopalganj News: गोपालगंज सदर अस्पताल सहित जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में पिछले 48 घंटे से एंटी रैबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है. रोजाना 150 से 200 डॉग बाइट मरीज प्रभावित हो रहे हैं और निजी दुकानों से महंगा इंजेक्शन खरीदने को मजबूर हैं.

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गोपालगंज से मनीष राज की रिपोर्ट
Gopalganj News:
मॉडल सदर अस्पताल सहित जिले के सभी पीएचसी और अन्य सरकारी अस्पतालों में बीते 48 घंटे से एआरभी का एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं मिलने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अस्पताल में डॉग बाइट के आए मरीज लगातार चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है. सदर अस्पताल में इसको लेकर सूचना बोर्ड भी लगा दिया गया है कि फिलहाल इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है.

जानकारी के अनुसार, अस्पताल में प्रतिदिन 150 से 200 मरीज एआरभी एंटी रैबीज इंजेक्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन स्टॉक खत्म होने के कारण सभी प्रभावित हो रहे हैं. मजबूरी में मरीजों को बाजार से 400 से 500 रुपये में इंजेक्शन खरीदना पड़ रहा है, जो आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गई है.फिलहाल अस्पताल में केवल टिटनेस का इंजेक्शन ही लगाया जा रहा है.

सदर अस्पताल में आए ओपीडी मरीजों का मरीजों के बयान

नागेंद्र, बसडीला गांव ,नगर थाना

मुझे एंटी रैबीज का तीसरा डोज लेना था, लेकिन अस्पताल में इंजेक्शन नहीं मिला ,दो दिन से चक्कर लगा रहा हूं, आज भी खाली हाथ लौटना पड़ा, जिससे काफी चिंता बढ़ गई है.

रामबाबू यादव, जादोपुर थाना के हरिहरपुर गाव के निवासी का कहना है कि कुत्ते के काटने के बाद इलाज के लिए अस्पताल आया था, लेकिन इंजेक्शन नहीं मिलने से परेशानी हो रही है. निजी दुकान से महंगा इंजेक्शन खरीदना मजबूरी बन गया है.

माझा थाना के देवापुर के रहने वाली महिला सीमा देवी

बच्चे को कुत्ते ने काट लिया था, इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे, लेकिन इंजेक्शन नहीं मिला.पैसे नहीं होने के कारण बाजार से खरीदना मुश्किल हो रहा है, जिससे डर बना हुआ है.

थावे थाना के मुन्ना कुमार ने बताया कि

दो दिनों से अस्पताल आ रहा हूं, लेकिन हर बार यही जवाब मिलता है कि इंजेक्शन नहीं है. समय पर इलाज नहीं मिलने से बीमारी का खतरा बढ़ रहा है, जिससे परिवार चिंतित है.

इंचार्ज का बयान

एआरभी एंटी रैबीज इंजेक्शन की इंचार्ज सुनीता विलियम ने बताया कि सदर अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 150 से 200 मरीजों को यह इंजेक्शन लगाया जाता है, लेकिन फिलहाल स्टॉक पूरी तरह समाप्त हो चुका है.

अस्पताल प्रबंधक का बयान

अस्पताल प्रबंधक जान महम्मद ने बताया कि एआरभी एंटी रैबीज इंजेक्शन की कमी पूरे बिहार में है.उन्होंने कहा कि अगले 24 घंटे के भीतर नया स्टॉक आने की संभावना है, जिसके बाद मरीजों को राहत मिलेगी.

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Vivek Pandey

लेखक के बारे में

By Vivek Pandey

विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

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