जर्जर वद्यिालय पढ़ने को मजबूर हैं बच्चे
जर्जर विद्यालय पढ़ने को मजबूर हैं बच्चेहादसे के डर से सहमे रहते हैं शिक्षक व बच्चेफोटो संख्या-1 कैप्सन-जर्जर विद्यालय का हाल प्रतिनिधि, आजमनगरप्रखंड के प्राथमिक विद्यालय (महादलित) का भवन काफी जर्जर हो गया है. जर्जर छत टूट-टूट कर गिर रही है. इससे हमेशा अप्रीय घटना होने का खतरा बना हुआ है. विद्यालय की स्थापना वर्ष […]
जर्जर विद्यालय पढ़ने को मजबूर हैं बच्चेहादसे के डर से सहमे रहते हैं शिक्षक व बच्चेफोटो संख्या-1 कैप्सन-जर्जर विद्यालय का हाल प्रतिनिधि, आजमनगरप्रखंड के प्राथमिक विद्यालय (महादलित) का भवन काफी जर्जर हो गया है. जर्जर छत टूट-टूट कर गिर रही है. इससे हमेशा अप्रीय घटना होने का खतरा बना हुआ है. विद्यालय की स्थापना वर्ष 1941 में हुई थी. इसमें वर्ग एक से लेकर पांच तक की पढ़ाई होती है. विद्यालय में महज तीन कमरे हैं, जिसमें दो कमरे पूरी तरह से जर्जर हो गये हैं. जर्जर कमरे में पढ़ाई होने की वजह से हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, लेकिन कमरे के अभाव में बच्चों को इसी में पढ़ने की मजबूरी बनी हुई है. विद्यालय में कुल 250 बच्चे नामांकित है. चावल आपूर्ति नहीं होने के कारण 19 मार्च से मध्याह्न भोजन बन्द है. विद्यालय में पांच सहायक शिक्षक हैं. इसी प्राथमिक विद्यालय में घोरदह प्राथमिक विद्यालय बलवा के भी 150 बच्चे नामांकित है, वे बच्चे भी यहीं पढ़ते हैं. प्राथमिक विद्यालय घोरदह के प्रधानाध्यापक सुभाष कुमार दास ने बताया कि भूमि अभाव के कारण उक्त विद्यालय को लगभग एक वर्ष पूर्व बीईओ सतीश चंद्र राय द्वारा टैग कर दिया गया है. दोनों विद्यालय के बीच की दूरी लगभग एक किलोमीटर है. वहां के लोगों ने बताया कि जिला प्रशासन को उक्त विद्यालय की दयनीय स्थिति पर ध्यान देने की आवश्यकता है. अगर समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो संभावित बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है. कहते हैं प्रधानाध्यापकप्राथमिक विद्यालय घोरदह के प्रधानाध्यापक सुभाष कुमार ने बताया कि विद्यालय में 19 मार्च से मध्याह्न भोजन चावल के अभाव के कारण बंद है. भवन जर्जर हैं, 300 से ज्यादा बच्चे नामांकित हैं. प्राथमिक विद्यालय बलवा का भी संचालन पिछले एक वर्षों से यहीं हो रहा है.कहते हैं बीइओ बीइओ सतीश चंद्र राय ने कहा कि भूमि अभाव के कारण एक ही प्रांगण में दो विद्यालय का संचालन हो रहा है. अगर भूमि उपलब्ध हो जाती है, तो भवन बनने में देरी नहीं होगी. किन्तु कोई भूमि तो दे.
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