खोज. महबूब आलम ने बनाया ऑटोमेिटक वाटर फ्लो स्टॉपर
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
Updated:
विज्ञापन
टंकी फुल होने के बाद अपने आप बंद हो जायेगी मोटर… मो महबूब आलम को इस मशीन को बनाने का ख्याल तब आया, जब वे देखते थे कि मोटर से टंकी में पानी भर गया है और पानी नीचे गिर रहा है. उन्होंने पानी व बिजली बचाने की ठानी और पांच महीने की कड़ी मशक्कत […]
विज्ञापन
टंकी फुल होने के बाद अपने आप बंद हो जायेगी मोटर…
मो महबूब आलम को इस मशीन को बनाने का ख्याल तब आया, जब वे देखते थे कि मोटर से टंकी में पानी भर गया है और पानी नीचे गिर रहा है. उन्होंने पानी व बिजली बचाने की ठानी और पांच महीने की कड़ी मशक्कत के बाद इस मशीन का इजाद किया.
कटिहार :शहर के वार्ड नंबर 33 दुर्गापुर बनिया टोला मुहल्ले में मो महबूब आलम ने ऑटोमेटिक वाटर फ्लो स्टॉपर (स्वचालित पानी रोकने की मशीन) बना कर इतिहास रच दिया है. इसे पानी की टंकी में लगाने के बाद टंकी में पानी भरने के बाद पानी नीचे नहीं गिरेगा. टंकी फूल होने के बाद स्वयं मोटर बंद हो जायेगा.
इससे पानी और बिजली भी संरक्षित रहेगा. पेशे से तकनीशियन श्री आलम 1975 से 2001 तक घड़ी की मरम्मत करते थे. वहीं 2001 में ही यह पेशा छोड़ कर दिल्ली मोबाइल का कार्य सीखने चले गये. फिलहाल वे मोबाइल का ही कार्य कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि इस मशीन को बनाने का ख्याल तब आया,
जब देखते थे कि मोटर से टंकी में पानी भर गया है और पानी नीचे गिर रहा है. उन्होंने पानी और बिजली बचाने के लिए ठानी और पांच महीने कड़ी मशक्कत के बाद इस मशीन का इजाद किया. इस मशीन को बनाने के लिए प्रत्येक दिन पांच घंटे कार्य करते थे. आज वह मशीन बन कर तैयार है और बजाप्ता उनके घर में भी लगा हुआ है. श्री आलम ने कहा कि 1500 रुपये की लागत इस मशीन को बनाने में आया है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और सरकार मदद करे तो इस मशीन को घर-घर तक पहुंचा देंगे.
ऐसे तैयार हुई मशीन
ऑटोमेटिक वाटर फ्लो स्टॉपर बनाने में श्री आलम ने एक एंपीयर (12 वोल्ट) का ट्रांसफार्मर, 5 एंपीयर का रिले, कंडेंसर, डायड, स्विच, कनेक्टर-3, प्लास्टिक पाइप, तार और हार्न का इस्तेमाल किया है. इस मशीन की खास बात यह है कि यह करंट प्रूफ है. इस मशीन के लग जाने से के बाद आप िनश्चिंत हो जायेंगे.
श्री आलम ने मशीन को दिखाते हुए बताया कि ऑटोमेटिक वाटर फ्लो स्टोपर टंकी में पानी से 8 इंच ऊपर लगाया जाता है. इस मशीन का कनेक्शन एक बोर्ड में दिया जाता है. पानी टंकी फुल होने पर मोटर ऑटोमेटिक बंद हो जाता है और बोर्ड में लगे सायरन का बजना शुरू हो जाता है. इस रिले बोर्ड में ऑटोमेटिक और नॉर्मल दो बटन है. लोग दोनों तरह से इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. खास बात यह है कि इस मशीन में आइसी और सेंसर का इस्तेमाल नहीं किया गया है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










