कोढ़ा के मुसापुर पंचायत में करंट की चपेट में आने से 29 मवेशियों की मौत

कोढ़ा के मुसापुर पंचायत में करंट की चपेट में आने से 29 मवेशियों की मौत
-घटना से आक्रोशित स्थानीय ग्रामीणों ने किया एनएच-31 को किया जाम -एनएच-31 पर तीन घंटे जाम-बिजली विभाग की लापरवाही से बड़ा हादसा फोटो. 6 सड़क पर बिखरा पड़ा गाय के शव, 7 ग्रामीणों को समझाते बुझाते पुलिस पदाधिकारी कोढ़ा कोढ़ा प्रखंड के मुसापुर में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही से 29 मवेशियों की मौत हो गई. किसान सभी मवेशियों को चराने के लिए ले जा रहे थे तभी यह भीषण हादसा हो गया. वहीं घटना से आक्रोशित लोगों ने एनएच-31 को जाम कर हंगामा व आगजनी की. सदर एसडीपीओ टू रंजन कुमार, कोढ़ा थानाध्यक्ष पुलिस दल बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और लोगों को समझाने बुझाने में जुट गये. मुआवजा के आश्वासन पर लोगों ने सड़क जाम हटाया. बताया जाता है कि जिले के कोढ़ा प्रखंड के मुसापुर पंचायत अंतर्गत इस्लामपुर वार्ड संख्या-1 में शनिवार की करीब 10 बजे शेख जमाल और कुताय अपने 29 मवेशियों को लेकर नहर की ओर चराने जा रहे थे. इसी दौरान अचानक हाईटेंशन तार का इंसुलेटर पंचर होने से आग का गोला गिरा और करंट की चपेट में आते ही 29 मवेशियों की दर्दनाक मौत हो गयी. इस घटना से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल फैल गया. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग की लापरवाही इस हादसे की वजह बनी है. अगर समय रहते तार और इंसुलेटर की मरम्मत होती तो इतनी बड़ी संख्या में मवेशियों की मौत नहीं होती. गुस्साए ग्रामीणों ने किया एनएच-31 जाम घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीण सड़क पर उतर आए और राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर आगजनी करते हुए मुख्य मार्ग को करीब तीन घंटे तक जाम कर दिया. मृत मवेशियों को जेसीबी से सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया. ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग करते हुए बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की. जाम के कारण आवागमन पूरी तरह ठप रहा. सदर एसडीपीओ टू रंजन कुमार सिंह, थानाध्यक्ष सुजीत कुमार और इंस्पेक्टर उमेश कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें उचित मुआवजे का आश्वासन दिया. एसडीपीओ ने स्पष्ट किया कि इसमें जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. अधिकारियों की पहल से ग्रामीण शांत हुए और करीब तीन घंटे बाद जाम समाप्त कराया गया. कहते है बिजली विभाग के अधिकारी बिजली विभाग के जेई पंकज ठाकुर ने कहा कि 11 हजार वोल्ट की लाइन में तीन इंसुलेटर होते हैं, बारिश के कारण इंसुलेटर पंचर हो गया होगा. मवेशियों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. अगर मौत बिजली से हुई साबित होती है तो विभाग पीड़ितों को मुआवजा देगा.
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