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सुबह-शाम दौड़ लगाने के साथ फिजिकल की तैयारी में जुटे युवक-युवतियां

Updated at : 04 May 2025 9:20 PM (IST)
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सुबह-शाम दौड़ लगाने के साथ फिजिकल की तैयारी में जुटे युवक-युवतियां

जिले में होमगार्ड के 328 रिक्त पदों के विरुद्ध हजारों लोगों ने किया है आवेदन

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मोहनिया सदर. जिले में गृह रक्षा वाहिनी (होमगार्ड) के रिक्त पदों के विरुद्ध आवेदन आमंत्रित किया गया है. इसके बाद 19 वर्ष से लेकर 40 वर्ष तक के युवक-युवतियों इस पद को हासिल करने को लेकर होड़ मची है. लेकिन, होमगार्ड के साथ, जो बिहार पुलिस कांस्टेबल पद के लिए भी तैयारी कर रहें हैं, वे असमंजस में फंसे हुए हैं कि जुलाई से लेकर अगस्त 2025 के बीच अलग-अलग तिथियों में आयोजित होने वाली पुलिस भर्ती लिखित परीक्षा की पहले तैयारी की जाये या फिर होमगार्ड के फिजिकल की? इसको लेकर युवक युवतियां पेशोपेश में पड़े हुए हैं. क्योंकि, जिले में आयोजित होने वाली होमगार्ड के फिजिकल की तिथि का निर्धारण विभाग की ओर से अब तक नहीं किया गया है. होमगार्ड में फिजिकल के आधार पर मेधा सूची तैयार कर चयन की प्रक्रिया पूर्ण करनी है. उक्त चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा को सम्मलित नहीं किया गया है. इसलिए सभी को जानकारी है कि फिजिकल की मैरिट लिस्ट में जगह बनाना इतना आसान नहीं. इसलिए होमगार्ड की तैयारी करने वाले युवक, युवतियां जी जान लगाकर फिजिकल की तैयारी कर रहे हैं. वहीं, जो पढ़ने में ठीक है, वो पुलिस परीक्षा को लेकर चिंतित हैं कि इतना कठिन फिजिकल करने के बाद लिखित परीक्षा की तैयारी किसी चुनौती से कम नहीं है. होमगार्ड के लिए फिजिकल की इतनी कठिन तैयारी करनी पड़ रही है कि पुलिस लिखित परीक्षा की तैयारी करना इस भीषण गर्मी में काफी मुश्किल हो गया है. # फिल्ड से लेकर सड़कों तक दौड़ लगा रहे हैं युवा आज के इस बेरोजगारी के दौर में होमगार्ड की बहाली में चयन के लिए फिल्ड से लेकर सड़कों पर सुबह-शाम युवक, युवतियों का एक बड़ा समूह दौड़ लगाते हुए नजर आता है. लोगों ने कई जगहों को ऊंची कूद व लंबी कूद के साथ अन्य फिजिकल की तैयारी का स्थल बना दिया. है. अहले सुबह जब बेटियां दौड़ की तैयारी के लिए घरों से निकलतीं हैं, तो उनके साथ परिजनों को भी दौड़ लगाना पड़ रहा है. इस उम्र में जो अधिक चलना भी पसंद नहीं करते हैं, वे माता- पिता भी अपनी बेटियों का करियर संवारने के लिए और उनकी सुरक्षा की दृष्टि से उनके साथ बाहर निकल रहें हैं. हालांकि, लगभग तीन दशक पूर्व एक दौर था जब खासतौर से ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अपनी बेटियों को पढ़ने के लिए गांव से बाहर भेजना पसंद भी नही करते थे. लेकिन आज बेटियों को सभी क्षेत्रों में खुलकर उड़ान भरने का मौका परिजन खुशी खुशी दे रहे हैं1 जिसका नतीजा है कि बेटियां भी सभी क्षेत्रों में अपनी सफलता का परचम लहरा रही हैं. चाहे वो ग्रामीण इलाकों से हो या फिर शहरी क्षेत्रों से. # जिले में किस वर्ग के लिए है कितनी सीटें जिले में होमगार्ड के कुल 328 रिक्त पदों के विरुद्ध आवेदन आमंत्रित किया गये हैं. इसमें हजारों की संख्या में युवक व युवतियों ने आवेदन किया है. सामान्य वर्ग से पुरुष वर्ग के लिए 96, सामान्य वर्ग महिला के लिए 34, आर्थिक रूप से कमजोर पुरुष वर्ग के लिए 24, इसी कोटि की महिला के लिए 08, अनुसूचित जाति पुरुष वर्ग के लिए 39, इसी वर्ग की महिलाओं के लिए 14, अनुसूचित जनजाति पुरुष वर्ग के लिए 03, इसी वर्ग की महिला के लिए एक, अत्यंत पिछड़ा पुरुष वर्ग के लिए 43, इसी वर्ग की महिलाओं के लिए 15, पिछड़ा वर्ग पुरुष के लिए 29, इसी वर्ग की महिला के लिए दस, पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए सात सीटें पुरुषों के साथ आरक्षित की गयी हैं. जबकि स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों के लिए पांच सीटों को रिजर्व रखा गया है़

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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PANCHDEV KUMAR

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PANCHDEV KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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