ePaper

करोड़ों रुपये की लागत से बने तीन मॉडल उच्च विद्यालयों में लगे ताले

Updated at : 14 Dec 2025 3:46 PM (IST)
विज्ञापन
करोड़ों रुपये की लागत से बने तीन मॉडल उच्च विद्यालयों में लगे ताले

विभाग को हैंडओवर करने के बाद भी पढ़ाई शुरू होने का इंतजार

विज्ञापन

=विभाग को हैंडओवर करने के बाद भी पढ़ाई शुरू होने का इंतजार जिले के तीन प्रखंड में बने भवन उपयोग के अभाव में होते जा रहे धीरे-धीरे जर्जर शिक्षा सुधार की मंशा पर सवाल भभुआ नगर. कैमूर जिले में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की लागत से बनाये गये तीन मॉडल उच्च विद्यालय आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं. बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड द्वारा जिले के भभुआ, मोहनिया और दुर्गावती प्रखंड में मॉडर्न उच्च विद्यालय भवन का निर्माण कर दिया गया, लेकिन विडंबना यह है कि इन भव्य भवनों में आज तक पठन-पाठन शुरू नहीं हो सका है. इतना ही नहीं, बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड द्वारा विद्यालय भवनों का निर्माण पूरा कर शिक्षा विभाग को हैंडओवर भी कर दिया गया है. इसके बावजूद इन स्कूलों के मुख्य द्वार पर आज भी ताला लटका हुआ है. स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाये गये ये भवन उपयोग के अभाव में धीरे-धीरे जर्जर होते जा रहे हैं, जबकि आसपास के विद्यालयों में छात्रों की संख्या अधिक होने से संसाधनों का भारी अभाव बना हुआ है. बुनियादी सुविधाओं का विद्यालयों में है अभाव इन मॉडल उच्च विद्यालयों में पढ़ाई शुरू न होने का मुख्य कारण बुनियादी सुविधाओं का अभाव बताया जा रहा है. विद्यालयों में अब तक बेंच-डेस्क की आपूर्ति नहीं हो पायी है. इसके अलावा पेयजल, शौचालय का उपयोग योग्य स्थिति में न होना और अन्य आवश्यक शैक्षणिक संसाधनों की कमी के कारण वर्ग संचालन संभव नहीं हो पा रहा है. बिना बेंच-डेस्क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के छात्रों को बैठाकर पढ़ाना व्यावहारिक नहीं है. विभाग के निर्देश जारी होने के बाद भी नहीं हुआ सुधार हैरानी की बात यह है कि शिक्षा विभाग द्वारा कई बार निर्देश जारी किये जाने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है. विभागीय आदेश के आलोक में जिले के सभी मॉडल उच्च विद्यालय भवनों में कक्षा 9वीं एवं उससे ऊपर की कक्षाओं का संचालन शुरू करने का निर्देश दिया गया था, ताकि आसपास के विद्यालयों पर छात्रों का बोझ कम किया जा सके. लेकिन जमीनी स्तर पर आदेशों का अनुपालन नहीं हो सका. स्थान परिवर्तन से मामला पड़ा है पेचीदा भभुआ व मोहनिया प्रखंड का मामला और भी पेचीदा हो गया है. बताया जाता है कि मोहनिया प्रखंड का मॉडल उच्च विद्यालय भवन मूल रूप से उच्च विद्यालय चौरसिया से संबद्ध था, लेकिन कतिपय कारणों से इसका निर्माण मध्य विद्यालय मुठानी के पास करा दिया गया. वहीं, भभुआ प्रखंड में यह भवन श्रीमती उदासी देवी अखलासपुर के पास बनाया जाना था, लेकिन निर्माण रतवार में कर दिया गया. स्थान परिवर्तन के कारण विद्यालय संचालन को लेकर विभागीय स्तर पर असमंजस की स्थिति बनी रही, जिसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है. विद्यालय चालू करने की उठी मांग अभिभावकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इन मॉडल उच्च विद्यालयों में अविलंब सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर पठन-पाठन शुरू कराया जाये. उनका कहना है कि यदि जल्द ही इन विद्यालयों को चालू नहीं किया गया तो सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य विफल हो जाएगा और करोड़ों की लागत से बने ये भवन सिर्फ शोपीस बनकर रह जायेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
VIKASH KUMAR

लेखक के बारे में

By VIKASH KUMAR

VIKASH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन