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रजिस्ट्रेशन के नाम पर हजारों की वसूली, फिर भी दर्जनों छात्र इंटर परीक्षा से वंचित

Updated at : 29 Jan 2026 5:02 PM (IST)
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रजिस्ट्रेशन के नाम पर हजारों की वसूली, फिर भी दर्जनों छात्र इंटर परीक्षा से वंचित

सबार विद्यालय में एक ही रजिस्ट्रेशन के लिए छात्रों से तीन बार ली गयी राशि

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फोटो 8 डीएम को आवेदन देने समाहरणालय पहुंचे छात्र-छात्राएं सबार विद्यालय में एक ही रजिस्ट्रेशन के लिए छात्रों से तीन बार ली गयी राशि कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर छात्रों ने लगायी न्याय की गुहार भभुआ नगर. गुरुजी लोगों से जुड़े सनसनीखेज मामले आये दिन सामने आते रहते हैं. इसी कड़ी में एक ताजा मामला जिले के रामपुर प्रखंड स्थित सबार उत्क्रमित प्लस टू विद्यालय से सामने आया है, जिसने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं. यहां छात्र-छात्राओं से परीक्षा रजिस्ट्रेशन के नाम पर हजारों रुपये वसूल लिये गये, लेकिन इसके बावजूद उनका रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया. नतीजतन दर्जनों छात्र-छात्राएं इंटरमीडिएट परीक्षा से वंचित होने के कगार पर खड़े हैं. जिन शिक्षकों के कंधों पर बच्चों का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी है, वही गुरुजी छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करते नजर आ रहे हैं. छात्रों द्वारा जिला पदाधिकारी को दिये गये आवेदन में कहा गया है कि वर्ष 2024 में मैट्रिक उत्तीर्ण करने वाले करीब 40 छात्र-छात्राओं से तत्कालीन प्रधानाध्यापक द्वारा इंटरमीडिएट रजिस्ट्रेशन के नाम पर प्रति छात्र 1200 रुपये लिये गये. इसके बाद 12 जुलाई 2024 को पुनः 1300 रुपये व 1 मई 2025 को 1100 रुपये की वसूली की गयी. इस प्रकार एक ही रजिस्ट्रेशन के नाम पर बार-बार राशि ली गयी, लेकिन रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया. जब 19 सितंबर को परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू हुई और छात्रों ने विद्यालय जाकर जानकारी ली, तब इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ. छात्रों का भविष्य बर्बाद, मानसिक तनाव छात्रों का आरोप है कि नये प्रधानाध्यापक द्वारा पूछताछ करने पर यह स्पष्ट हुआ कि पूर्व प्रधानाध्यापक ने जानबूझकर रजिस्ट्रेशन नहीं कराया था. इस लापरवाही व कथित भ्रष्टाचार के कारण कई छात्रों का एक से दो वर्ष बर्बाद हो गया है. परीक्षा को लेकर असमंजस व भविष्य की चिंता ने छात्रों को मानसिक रूप से तोड़ दिया है, जबकि अभिभावकों की चिंता और बढ़ गयी है. आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि अत्यधिक तनाव के कारण दो छात्राएं बीमार भी पड़ गयी हैं, जिससे अभिभावकों में भारी आक्रोश है व वे शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं. डीएम से की मामले उच्चस्तरीय जांच की मांग राशि लेने के बावजूद रजिस्ट्रेशन नहीं होने से परेशान छात्र-छात्राएं गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे. वहां उन्होंने जिलाधिकारी नितिन कुमार सिंह को लिखित आवेदन सौंपकर न्याय की गुहार लगायी. छात्रों ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करायी जाये, दोषी प्रधानाध्यापक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाये व छात्रों से वसूली गयी राशि वापस करायी जाये. इंटरमीडिएट परीक्षा के लिये रजिस्ट्रेशन नहीं होने से छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है. छात्रों का कहना है कि यदि समय रहते इसका उचित समाधान नहीं किया गया, तो उनका भविष्य अंधकारमय हो जायेगा.

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VIKASH KUMAR

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