मोहनिया सदर. पीएचइडी के अधिकारियों व कर्मियों की लापरवाही से बघिनी पंचायत के सभी 13 वार्डों में से अधिकांश वार्डों में लोग पीने के पानी की भारी समस्या से जूझ रहे हैं. सभी वार्डों में पहले से लगाये गये अधिकतर सरकारी चापाकल खराब पड़े हैं, तो अधिकांश वार्डों में नल जल योजना ठप पड़ी है. जिन वार्डों में नल जल योजना चालू भी है तो घरों तक पानी पहुंचाने के लिए पूर्व में बिछाये गये पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने से बहुत कम ही घरों तक पानी पहुंच रहा है. जनप्रतिनिधि व ग्रामीण पीएचइडी के अधिकारियों से पानी के लिए गुहार लगा कर थक चुके हैं, लेकिन विभागीय पदाधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है. बघिनी पंचायत के वार्ड 04 की महादलित बस्ती, वार्ड 13 की महादलित (मुसहर बस्ती), वार्ड 09 की महादलित बस्ती, वार्ड एक की आबादी, वार्ड 08 के लोग पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं, लेकिन विभागीय पदाधिकारी उक्त सभी वार्डों के जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों की फरियाद को अनसुना करते जा रहे हैं. इससे इस भीषण गर्मी में पानी की समस्या लोगों के लिए सिरदर्द बना हुआ है. जबकि, जल संकट से निबटने व लोगों को पीने का पानी उपलब्ध कराने को लेकर डीएम सावन कुमार लगातार पीएचइडी के अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं, लेकिन विभागीय पदाधिकारी सिर्फ खानापूर्ति कर समस्या से अपना पीछा छुड़ाते नजर आ रहे हैं. बहदुरा व विष्णुपुरा में सबसे नीचे है जलस्तर बघिनी पंचायत के वार्ड 04 विष्णुपुरा व वार्ड नौ बहदुरा में रहने वाले अधिकांश लोगों के बस की बात नहीं कि अपना निजी चापाकल या सबमर्सिबल की बोरिंग करा सकें. इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण उक्त दोनों वार्ड में पीने के पानी का भूमिगत जलस्तर काफी नीचे होना बताया जा रहा है. यहां इन दोनों वार्ड में लगभग 300 से 350 फीट बोरिंग कराने पर पीने का पानी मिलता है, जबकि जिन वार्डों में पीने के पानी का भूमिगत जलस्तर 85-90 फीट तक है, वहां घरेलू उपयोग के लिए सबमर्सिबल की बोरिंग कराने में सिर्फ बोरिंग खर्च (मजदूरी) 9000 से अधिक लग रहा है. इससे आप आसानी से इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि उक्त दोनों वार्ड में निजी चापाकल या सबमर्सिबल की बोरिंग करवाना कितना खर्चीला साबित होगा. इससे बोरिंग करवा पाना मजदूरी करने वाले निम्न व मध्यम वर्गीय लोगों के बूते की बात नही रह गयी है. वार्ड-04 : विष्णुपुरा बघिनी पंचायत का वार्ड 04 विष्णुपुरा में मतदाताओं की संख्या करीब 550 है, यहां नल जल योजना का क्रियान्वयन वार्ड के उत्तरी भाग में सामान्य वर्ग की आबादी वाले भाग में किया गया है, जहां से लगभग 40 घरों वाली महादलित बस्ती की दूरी लगभग 200 मीटर से अधिक है, जिसका परिणाम है कि उत्तरी भाग में लगे नल जल योजना का पानी महादलित बस्ती के घरों तक पहुंचता ही नहीं है. महादलित बस्ती में सिर्फ एक सरकारी चापाकल है, जिस पर लोग कतारबद्ध होकर पानी भरते है. पीने के पानी का भूमिगत जलस्तर काफी नीचे है गरीबी की मार झेल रहे महादलित बस्ती के लोगों की आर्थिक स्थिति इस लायक नहीं है कि वें 300-350 फीट बोरिंग करवा कर निजी चापाकल या सबमर्सिबल लगवा सकें, ऐसा वहां के वार्ड सदस्य पशुपति राम का कहना है. वार्ड-13 : अधवार बघिनी पंचायत का वार्ड 13 दुर्गावती मुख्य नहर के दक्षिण तरफ अवस्थित लगभग 250 घरों की आबादी वाला महादलित (मुसहर बस्ती) जहां एक भी सरकारी चापाकल नहीं है. लगभग दो वर्ष पहले आयी तेज आंधी में नल जल योजना की टंकी उड़ कर नीचे गिर कर क्षतिग्रस्त हो गयी, तब से अब तक पीएचइडी ने टंकी लगवाने की दिशा में कोई पहल नहीं की. शुरुआती दौर में की गयी बोरिंग कुछ दिनों बाद भस गया था, नयी बोरिंग करवायी गयी है. नल जल चालू अवस्था में है लेकिन सभी पाइपलाइन में पूरी तरह बालू भर जाने से जाम के साथ अधिकांश जगहों पर पाइपें क्षतिग्रस्त हो गयी है, जिससे बिजली रहने पर मेन पाइप से ही बस्ती के लोग जल मीनार के पास पहुंच कर पानी भरते है, वैसे बघिनी पंचायत का यह सबसे बड़ी आबादी वाला वार्ड है. यह वार्ड तीन भागों में बंटा हुआ है दो हिस्सा मुख्य नहर के उत्तर तरफ है, तो एक भाग मुख्य नहर के दक्षिण तरफ बसा हुआ है. इस वार्ड में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 1150 है. इस वार्ड में 15-20 सरकारी चापाकल भी हैं, लेकिन इसमें सिर्फ चार ही चालू अवस्था में हैं. पीएचइडी विभाग को कई बार कहा जाता है, लेकिन लोग सुनते ही नहीं है. ऐसा वार्ड सदस्य गुड़िया देवी के पति मंगरु रजक का कहना है. वार्ड-09 : बहदुरा बघिनी पंचायत का वार्ड नौ बहदुरा जो दुर्गावती मुख्य नहर के दक्षिण तरफ अवस्थित है, कुछ घर अब नहर के उत्तर तरफ भी बना कर लोग रहते है. यहां मतदाताओं की संख्या करीब 550 है, यहां 06 सरकारी चापाकल लगे हैं. इसमें सिर्फ दो ही चालू अवस्था में है. इस वार्ड में नल जल योजना की टंकी लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व आयी तेज आंधी से नीचे गिरकर फट गयी थी. उस समय से अब तक टंकी नहीं लगायी गयी है, जबकि यहां भी पीने के पानी का भूमिगत जलस्तर काफी नीचे है. लगभग 300-350 फीट बोरिंग कराने पर पीने का पानी मिलता है. यहां निजी चापाकल या सबमर्सिबल की बोरिंग करवाना बहुत आसान नहीं है, इस वार्ड में सामान्य वर्ग के लोग जो काफी सम्पन्न हैं, चापाकल खराब होने पर उनके घरों में लगाये गये सबमर्सिबल से बस्ती के लोगों को पानी मिलता है, ऐसा ग्रामीण अनिल पांडेय का कहना है. वार्ड-एक : दसौंती बघिनी पंचायत का वार्ड संख्या एक दसौंती इस वार्ड में मतदाताओं की संख्या तकरीबन 300 है इस वार्ड में लगभग 20 वर्ष पहले लगाये गये सरकारी चापाकल अब अपना नामोनिशान खो चुके है, इस वार्ड में नल जल योजना की बोरिंग भंस गयी थी चालू वर्ष की जनवरी माह में नया बोरिंग कर मोटर डाला गया लेकिन सप्लाई पाइप से उसकाे जोड़ा ही नही गया, उसी तरह छोड़ कर विभाग के लोग यह कहते हुये चलते बने कि बाद में सप्लाई पाइप से मोटर का कनेक्शन कर दिया जायेगा, जिसकी वजह से घरों को नल जल योजना का पानी नही मिल रहा है. यहां भी पानी की काफी किल्लत है, लेकिन पीएचइडी विभाग के अधिकारी कहते है कि ठेकेदार से बात करों, ठेकेदार से कहा गया तो उसने कहा अभी बात मत करों हम व्यस्त है ऐसा वार्ड सदस्य शाहजहां बेगम के पति अशरफ मियां का कहना है. वार्ड-11 : सरहुला बघिनी पंचायत का वार्ड 11 सरहुला यहां मतदाताओं की संख्या लगभग 670 है. इस वार्ड में चार सरकारी चापाकल लगे हैं, जिसमें तीन खराब है. यहां नल जल योजना का कार्य किया गया है, लेकिन लगभग एक वर्ष पहले आयी तेज आंधी से पानी की टंकी उड़ कर नीचे गिरी और फट गयी, जिसके बाद से अभी तक पीएचइडी के अधिकारियों द्वारा पानी टंकी नहीं लगवाया गया है. फिर भी यहां लोगों को पीने के पानी की समस्या का अधिक सामना इसलिए नहीं करना पड़ रहा है क्योंकि यहां लगभग सभी घरों में सबमर्सिबल लगा है, ऐसा यहां के वार्ड सदस्य अजीत सिंह का कहना है. वार्ड-08 : दसौंती बघिनी पंचायत का वार्ड 08 दसौंती यहां वोटरों की संख्या करीब 830 है. इस वार्ड में तीन सरकारी चापाकल है, जिसमें दो खराब है. यहां नल जल योजना चालू स्थिति में है, लेकिन लगभग सिर्फ 10 घरों तक ही नल जल योजना का पानी पहुंच पाता है. इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि पानी सप्लाई के लिए पूर्व में बिछायी गयी पाइपलाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिसके वजह से मोटर चालू करते ही काफी पानी अनावश्यक रूप से रास्ते में ही बह जाता है. इसको लेकर कई बार लोगों ने पीएचइडी के अधिकारियों से गुहार लगायी, लेकिन किसी ने उन लोगों की फरियाद को नहीं सुनी, जिसका नतीजा है कि इस वार्ड में भी पीने के पानी का संकट छाया हुआ है, ऐसा वार्ड सदस्य सीमा कुमारी के पति रिंकू का कहना है. वार्ड-07 : बघिनी पंचायत मुख्यालय बघिनी का वार्ड-7 अंबेडकर बस्ती में मतदाताओं की संख्या करीब 600 है. यहां लगाये गये कई सरकारी चापाकल खराब पड़े हैं. यहां लगायी गयी नल जल योजना भी लगभग ढाई वर्षो से खराब पड़ी है. बोरिंग भंस जाने के बाद नयी बोरिंग कर मोटर डाला गया, लेकिन बस्ती के किसी भी घर तक पानी नहीं पहुंच पाता है. इसका सबसे बड़ा कारण है कि नल जल के क्रियान्वयन के समय जो भी पाइपलाइन बिछाये गये थे, वह लंबे समय से पानी की सप्लाई नहीं होने के कारण जाम होने के साथ क्षतिग्रस्त भी हो गये हैं. ऐसा पंचायत की मुखिया पुष्पा देवी के पति कामेश्वर राम का कहना है. वार्ड-12 : चोरडिहरा बघिनी पंचायत का वार्ड 12 चोरडिहरा में मतदाताओं की संख्या लगभग 250 है. यहां एक सरकारी चापाकल लगा हुआ है, जो खराब पड़ा है. यहां नल जल योजना चालू अवस्था में है, लेकिन यहां अवस्थित लगभग 80 घरों में से लगभग 50 घरों तक ही नल जल योजना का पानी पहुंच पाता है. इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि जिस समय नल जल योजना का क्रियान्वयन किया गया इस समय सभी घरों तक पानी सप्लाई के लिए पाइपलाइन ही नहीं बिछाई गयी. इससे लगभग 30 घरों तक पानी नहीं पहुंच पाता है. इसको लेकर वार्ड सदस्य सह उप मुखिया रामकली देवी के पति संजय साह ने कई बार पीएचइडी के अधिकारियों व पंचायत की मुखिया को इससे अवगत कराया, लेकिन इस पर किसी ने कोई विचार नहीं किया. इसका परिणाम है कि आज भी 30 घरों तक नल जल योजना का पानी नहीं पहुंच रहा है. वार्ड-06 : बघिनी पंचायत मुख्यालय बघिनी में अवस्थित वार्ड छह में मतदाताओं की संख्या लगभग 200 बतायी जाती है. यहां पंचायत भवन के बगल में नल जल योजना है, लेकिन उसी के बगल में वर्तमान समय में पंचायत सरकार भवन के आलीशान बिल्डिंग का निर्माण कराया जा रहा है, जिसकी वजह से भवन निर्माण के लिए नींव खुदाई के दौरान नल जल योजना की पाइपलाइन कट फट गया, जिसकी वजह से अधिकांश घरों तक नल जल योजना का पानी नहीं पहुंच पा रहा है. जब कि नल जल योजना पूरी तरह से ठीक है. वार्ड-10 : भुन्डी टेकारी बघिनी पंचायत का वार्ड 10 भुन्डी टेकरी में मतदाताओं की संख्या तकरीबन 800 बतायी जाती है. यहां चार सरकारी चापाकल लगे हैं, जिसमें सिर्फ एक चालू अवस्था में है. यहां नल जल पूरी तरह चालू अवस्था में है, जिससे लगभग सभी घरों तक पानी की आपूर्ति सुगमता से हो जाती है. ऐसा वार्ड सदस्य अनीता देवी के पति धर्मेंद्र खरवार का कहना है. वार्ड-03 : बघिनी पंचायत मुख्यालय बघिनी के वार्ड तीन में मतदाताओं की संख्या करीब 300 है. इस वार्ड में तीन चापाकल लगाया गया हैं, जिसमें दो खराब पड़ा है. लेकिन यहां नल जल पूरी तरह चालू स्थिति में है, जिससे लोगों को समय-समय पर नल जल योजना का पानी मिलता रहता है. कुछ पाइपलाइन पुरानी होने के कारण क्षतिग्रस्त हैं, फिर भी घरों तक धीमी गति से ही सही लेकिन पानी पहुंच रहा है. ऐसा वार्ड सदस्य सलामु अंसारी का कहना है. वार्ड-02 : बघिनी पंचायत मुख्यालय बघिनी का वार्ड 02 यहां मतदाताओं की संख्या करीब 250 है. यहां तीन सरकारी चापाकल है, जिसमें एक चालू अवस्था में है. नल जल योजना भी चालू अवस्था में है, लेकिन घरों तक बिछायी गयी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिसके वजह से सभी घरों तक अच्छी तरह से पानी नहीं पहुंच पा रहा है. पाइप लाइनों के फटे होने की वजह से कुछ दिनों तक नल जल योजना को बंद कर दिया गया था. ऐसा वार्ड के ग्रामीणों का कहना है. वार्ड-05 : बघिनी पंचायत मुख्यालय बघिनी के वार्ड 05 में नल जल योजना चालू अवस्था में है. लोगों के घरों तक पानी सप्लाई के लिए बिछायी गयी पाइप लाइन के कुछ जगहों पर क्षतिग्रस्त होने से कुछ ही घरों तक पानी पहुंच पा रहा है. इन क्षतिग्रस्त पाइपों की मरम्मत के लिए वार्ड सदस्य द्वारा कई बार पीएचइडी के अधिकारियों को अवगत कराया गया है. लेकिन संबंधित विभाग के पदाधिकारी द्वारा इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया. बोले एसडीओ इस संबंध में पूछे जाने पर पीएचइडी के एसडीओ अतुल अभिषेक ने कहा कि गर्मी में पानी की समस्या से संबंधित अधिक शिकायत आ रही है. सभी को दूर करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है. युद्ध स्तर पर कार्य चल रहा है. मरम्मत करने वाली टीम लगातार गांवों का भ्रमण कर रही है, जहां नल जल योजना नहीं है वहां भी लगाने के लिए सीओ से एनओसी लिया जा रहा है, बहुत जल्द समस्याओं का समाधान कर लिया जायेगा.
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