इ-ग्राम स्वराज पोर्टल बंद होने से थमा पंचायतों का विकास

15वीं वित्त आयोग का भुगतान फंसा, मुखिया महासंघ ने केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र
15वीं वित्त आयोग का भुगतान फंसा, मुखिया महासंघ ने केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र बैंक मर्जर व तकनीकी खामियों से पंचायतों में भुगतान ठप, जनप्रतिनिधि परेशान मोहनिया सदर. सूबे में इ-ग्राम स्वराज पोर्टल को केंद्र सरकार द्वारा बंद कर दिये जाने से 15वीं वित्त आयोग से किये जाने वाले पंचायतों के विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गये हैं. इसको लेकर बिहार प्रदेश मुखिया महासंघ के अध्यक्ष मिथिलेश कुमार राय ने केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह को पत्र लिखा है. पत्र में अवगत कराया गया है कि केंद्र सरकार द्वारा 15वीं वित्त आयोग को बंद करने की प्रक्रिया चल रही है, जिसके कारण बिहार में पंचायतों द्वारा किये गये कार्यों के भुगतान में गंभीर समस्याएं आ रही हैं. वर्तमान में राज्य की पंचायतें भुगतान करने में सक्षम नहीं हैं. तकनीकी स्थिति यह है कि बैंक मर्जर के कारण 562 पंचायतों में ”ऑटो रिवर्स रिसीट” प्रदर्शित नहीं हो पा रहा है. विभाग द्वारा पीएफएमएस को पत्र लिखने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. यूबीजीबी व डीबीजीबी बैंकों के विलय के कारण लंबित वाउचरों की समस्या भी बनी हुई है, जिससे पंचायतें अपने खातों को ऑनबोर्ड नहीं कर पायी हैं. पंचायती राज प्रतिनिधि संगठनों द्वारा लगातार अनुरोध के बाद भी ई-ग्राम स्वराज पोर्टल की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं. विकास कार्यों को गति देने के लिए पोर्टल को यथाशीघ्र चालू करने व समस्याओं के समाधान की आवश्यकता है. # बोले अध्यक्ष इस संबंध में मुखिया संघ के प्रखंड अध्यक्ष सह बेलौड़ी पंचायत के मुखिया मीर इमरान ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राज्य में इ-ग्राम स्वराज पोर्टल को बंद कर दिया गया है. इससे 15वीं वित्त आयोग से पंचायतों में कराये गये विकास कार्यों का भुगतान नहीं हो पा रहा है. त्रिस्तरीय पंचायती राज के जनप्रतिनिधियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस मामले को लेकर प्रदेश अध्यक्ष द्वारा केंद्रीय मंत्री को पत्र भेजकर समाधान की मांग की गयी है, ताकि विकास की गति बनी रहे व जनता को असुविधा न हो.
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