एक ही सत्र में दो डिग्री लेकर नौकरी करना पड़ा भारी, शिक्षिका को विभाग ने थमाया नोटिस

माध्यमिक शिक्षा कार्यक्रम पदाधिकारी ने जारी किया नोटिस, शिक्षिका की कुर्सी पर संकट
नियमों का उल्लंघन, ग्रामीण की शिकायत पर विभाग ने की प्रमाणपत्रों की जांच श्रीरामपुर स्कूल की बीपीएससी शिक्षिका से तीन दिनों में मांगा गया जवाब माध्यमिक शिक्षा कार्यक्रम पदाधिकारी ने जारी किया नोटिस, शिक्षिका की कुर्सी पर संकट भभुआ नगर. एक ही शैक्षणिक सत्र में दो डिग्री प्राप्त कर नौकरी करना चांद प्रखंड के श्रीरामपुर में कार्यरत बीपीएससी शिक्षिका अर्चना कुमारी को काफी महंगा पड़ गया है. मामले की शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है और प्राथमिक जांच में आरोप सही पाये जाने के बाद संबंधित शिक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो विभागीय नियमों के तहत उनकी नौकरी पर भी संकट आ सकता है. जानकारी के अनुसार, चांद प्रखंड के श्रीरामपुर गांव में स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय में बीपीएससी के माध्यम से नियुक्त शिक्षिका अर्चना कुमारी के खिलाफ एक ग्रामीण द्वारा शिक्षा विभाग में शिकायत की गयी थी. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि शिक्षिका ने एक ही शैक्षणिक सत्र में बीएड और एमए की डिग्री प्राप्त की है, जो नियमानुसार मान्य नहीं है. शिकायत प्राप्त होने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षिका के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की जांच शुरू करायी, जांच के दौरान यह पाया गया कि दोनों डिग्रियां एक ही सत्र में प्राप्त की गयी हैं. जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाये जाने के बाद विभाग ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. इधर, इस मामले में माध्यमिक शिक्षा कार्यक्रम पदाधिकारी ने उच्च माध्यमिक विद्यालय श्रीरामपुर में कार्यरत शिक्षिका अर्चना कुमारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. जारी आदेश में शिक्षिका को निर्देश दिया गया है कि पत्र प्राप्ति के तीन दिनों के अंदर अपना पक्ष और आवश्यक साक्ष्य के साथ लिखित जवाब प्रस्तुत करें. आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि इससे पूर्व भी इस संबंध में पत्र जारी कर शिक्षिका से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन उनके द्वारा अब तक कोई संतोषजनक जवाब उपलब्ध नहीं कराया गया है. इसलिए अंतिम अवसर देते हुए तीन दिनों के भीतर अपना बचाव पक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है. गौरतलब है कि बिहार राज्य अध्यापक नियमावली, 2023 के अनुसार एक ही शैक्षणिक सत्र में दो नियमित पाठ्यक्रमों की डिग्री प्राप्त करना नियमों का उल्लंघन माना जाता है. ऐसे मामलों में संबंधित अभ्यर्थी की योग्यता पर सवाल उठ सकता है और नियुक्ति को अवैध भी माना जा सकता है. – कहते हैं अधिकारी इस संबंध में पूछे जाने पर डीपीओ स्थापना शंभू कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षिका निर्धारित समय में संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करती हैं या जांच में आरोप पूरी तरह सही पाया जाता है, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है. इसमें नियुक्ति रद्द करने से लेकर अन्य प्रशासनिक कदम भी शामिल हो सकते हैं. फिलहाल विभाग की नजर शिक्षिका के जवाब पर टिकी है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जायेगी.
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