कैमूर में कानूनी शिविर का आयोजन, लोगों को अधिकारों और मुआवजे की दी गई जानकारी

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शिविर की तस्वीर

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Kaimur News: कैमूर के रामपुर प्रखंड के खरेंदा पंचायत भवन में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में ग्रामीणों को वन्यजीव संघर्ष से जुड़े कानूनी अधिकारों और मुआवजा प्रक्रिया की जानकारी दी गई. विशेषज्ञों ने बताया कि पीड़ितों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. जानकारी के अभाव में वंचित रहने वालों को सीधे प्राधिकरण से जुड़ने की अपील की गई. इस पहल को वन्यजीव प्रभावित क्षेत्रों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है.

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Kaimur News: (राजू कुमार) कैमूर के रामपुर वन्यजीव अभयारण्य से सटे इलाकों में लगातार बढ़ रहे मानव-वन्यजीव संघर्ष को देखते हुए ग्रामीणों को कानूनी रूप से जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई. इसी कड़ी में रविवार को रामपुर प्रखंड के ग्राम पंचायत खरेंदा भवन में एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. यह शिविर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कैमूर के निर्देश एवं मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जो राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है.

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मुआवजा और कानूनी सहायता पर दिया गया जोर

शिविर को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता गणेश दुबे ने कहा कि कैमूर क्षेत्र घने जंगलों और वन्यजीव अभयारण्य से घिरा हुआ है, जहां अक्सर जंगली जानवरों के हमले, फसलों की बर्बादी और मवेशियों के नुकसान की घटनाएं सामने आती रहती हैं. ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों को समय पर उचित मुआवजा दिलाना और उन्हें निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है.

जानकारी के अभाव में छूट जाते हैं अधिकार

उन्होंने यह भी बताया कि कई बार ग्रामीणों को सही जानकारी नहीं होने के कारण वे सरकारी योजनाओं और मुआवजे से वंचित रह जाते हैं. इसलिए जरूरी है कि लोग सीधे जिला विधिक सेवा प्राधिकार से जुड़ें और बिना किसी बिचौलिए के अपने अधिकारों का लाभ उठाएं.

तकनीकी व कानूनी पहलुओं की दी विस्तृत जानकारी

शिविर के दौरान उपस्थित ग्रामीणों को योजना से जुड़े सभी तकनीकी और कानूनी पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी गई. उन्हें बताया गया कि आवेदन प्रक्रिया कैसे करें, किन दस्तावेजों की जरूरत होती है और मुआवजा पाने के लिए किन नियमों का पालन करना आवश्यक है.

पीएलवी करेंगे हर स्तर पर मदद

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैरा लीगल वालंटियर (PLV) चंदन दुबे ने कहा कि वन्यजीव संघर्ष की किसी भी घटना की स्थिति में पीड़ित तुरंत स्थानीय प्रशासन, वन विभाग और जिला विधिक सेवा प्राधिकार को सूचना दें. उन्होंने भरोसा दिलाया कि पीएलवी टीम पीड़ितों की दस्तावेजी प्रक्रिया से लेकर आवेदन और मुआवजा मिलने तक हर कदम पर निःशुल्क सहायता प्रदान करेगी.

ग्रामीणों ने जताया आभार

इस अवसर पर पंचायत के मुखिया दीपक कुमार, वार्ड सदस्य सहित गांव के कई महिला-पुरुष मौजूद रहे. ग्रामीणों ने इस पहल के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार का आभार जताया और कहा कि इस तरह के शिविरों से वन क्षेत्र में रहने वाले गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी और वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकेंगे.

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