ओपीडी में पर्ची कटाने को लेकर नियम में हुए बदलाव से मरीज परेशान

Author : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 05 Jul 2024 8:53 PM

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यदि आप अस्पताल के ओपीडी में इलाज के लिए जा रहे हैं, तो आपको अब नेट युक्त एंड्राइड मोबाइल लेकर जाना जरूरी होगा. यहां अब ओपीडी में पर्ची काटने के नियम में किये गये बदलाव के बाद अब एप के माध्यम से ओपीडी में पर्ची कट रही है

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मोहनिया शहर. यदि आप अस्पताल के ओपीडी में इलाज के लिए जा रहे हैं, तो आपको अब नेट युक्त एंड्राइड मोबाइल लेकर जाना जरूरी होगा. यहां अब ओपीडी में पर्ची काटने के नियम में किये गये बदलाव के बाद अब एप के माध्यम से ओपीडी में पर्ची कट रही है. इस नये नियम से पर्ची काटने अस्पताल पहुंच रहे मरीजों की परेशानी काफी बढ़ गयी है. मालूम हो कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब नेट युक्त एंड्राइड मोबाइल में आभा एप से स्कैन एंड शेयर के माध्यम से पर्ची काटा जा रहा है, जिनके पास एंड्राइड मोबाइल नहीं होगा, तो उनका पर्ची नहीं कट पायेगा. ऐसे में इलाज के लिए ग्रामीण क्षेत्र से पहुंच रही महिलाएं,वृद्ध को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है. हालांकि, अस्पताल में इसकी वैकल्पिक व्यवस्था फिलहाल कोई नहीं किया गया है, जहां दूसरे के मोबाइल के सहारे किसी तरह ऐसे मरीजों का पर्ची काटा जा रहा है. जबकि, पर्ची के लिए कई घंटे इंतजार भी काउंटर पर लोगों को करना पड़ रहा है. मालूम हो कि पहले ओपीडी में इलाज के लिए मरीज को काउंटर पर जाकर केवल नाम पता और उम्र बताना होता था, जहां दो रुपये शुल्क अदा करने के बाद पर्ची मिल जाती थी. लेकिन, अब आभा एप से स्कैन एंड शेयर के माध्यम से पर्ची काटा जा रहा है, जिनके पास नेट युक्त एंड्राइड मोबाइल है उनको तो आसानी से पर्ची कट जा रही है, लेकिन जिनके पास मोबाइल नहीं है, वह पर्ची के लिए इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं. #आभा एप से कैसे कटाएं पर्ची ओपीडी में मरीज के इलाज के लिए अब नये नियम से पर्ची कटानी पड़ रही है. इसमें मरीज को अब नेट के साथ एंड्राइड मोबाइल लेकर अस्पताल जाना होगा. सबसे अहले मरीज को अपने मोबाइल में आभा एप डाउनलोड करना होगा. इसके बाद आभा एप खोलने पर उसमें अपना नाम, पता, आयु सहित अन्य मांगी जाने वाली सभी जानकारी दर्ज करनी होगी. पूरा डिटेल देने के बाद अस्पताल में लगे एक स्कैनर को अपने आभा एप से स्कैन करना होगा. इसके बाद मोबाइल पर चार अंक का टोकन नंबर आयेगा. यह टोकन नंबर लेकर अस्पताल के काउंटर पर जाना होगा. वहां पर टोकन नंबर दिखाने पर काउंटर से प्रिंट कर पर्ची मरीज को तुरंत मिल जायेगी. इसके बाद आसानी से ओपीडी में डॉक्टर से इलाज करा सकते हैं. #30 मिनट तक टोकन का नंबर रहेगा वैलिड किसी भी मरीज को पहली बार आभा एप पर रजिस्ट्रेशन करने के बाद हमेशा के लिए आसान हो जायेगा. अब जब भी मरीज को अस्पताल में ओपीडी में इलाज के लिए पर्ची कटानी है, वह केवल अपने मोबाइल से अस्पताल में लगे कोड को स्कैन कर टोकन नंबर मांगा सकते है. उस टोकन नंबर का वैलिड करीब 30 मिनट का होता है, जो घर से भी आसानी से पर्ची बुक कर सकते है. लेकिन, उन्हें अस्पताल में लगे स्कैनर कोड का फोटो अपने पास रखना होगा. पर्ची के लिए नया नियम फिलहाल ओपीडी के मरीज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल में लागू किया गया है. जबकि, इमरजेंसी में अभी पहले नियम के अनुसार ही पर्ची कट रही है. #बोले अस्पताल उपाधीक्षक# इस संबंध में अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ बदरुद्दीन ने बताया कि ओपीडी में अब आभा एप के माध्यम से पर्ची काटी जा रही है, जिसमें मरीज को नेट के साथ एंड्रॉयड मोबाइल लेकर आना जरूरी है. यहां आभा एप से स्कैन एंड शेयर के माध्यम से पर्ची कट रही है. जिन मरीज के पास मोबाइल नहीं रह रहा हैं, उन्हें अस्पताल कर्मी द्वारा अपने मोबाइल से पर्ची काट रहे है. धीरे-धीरे जानकारी होने पर सभी ट्रेंड हो जायेगे. थोड़ा परेशानी तो जरूर हो रही है.

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